सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के बाद छोटे बच्चों को थाली साफ करने में होने वाली परेशानी को खांबल गांव की छात्रा कविता कुमारी ने अपने नवाचार का आधार बनाया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खांबल की कक्षा 9 की छात्रा कविता ने इस समस्या के समाधान के लिए प्लेट क्लीनिंग मशीन का मॉडल तैयार किया है। इंस्पायर-मानक योजना के तहत चयन के बाद कविता ने 12 और 13 अक्टूबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में सिरोही जिले और राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता से लौटने पर विद्यालय की प्रार्थना सभा में प्रधानाचार्य राजेश बारबर ने कविता को साफा पहनाकर सम्मानित किया और प्रमाण-पत्र सौंपा। मॉडल तैयार करने में मार्गदर्शन देने वाले शिक्षक ओमप्रकाश का भी स्वागत किया। भारत मंडपम में ज्यूरी को समझाया मॉडल : राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले कविता जयपुर में राज्य स्तरीय दल के साथ ठहरी, जहां से दल दिल्ली पहुंचा। भारत मंडपम में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान कविता ने अपने कक्ष में निर्णायक मंडल (ज्यूरी) के सदस्यों को मॉडल की कार्यप्रणाली, उद्देश्य और उपयोगिता की विस्तार से जानकारी दी। कविता के प्रोजेक्ट का नाम प्लेट क्लीनिंग मशीन फॉर द एमडीएम प्रोग्राम रखा है। मॉडल में मशीन को बैटरी से चलाने की व्यवस्था है। बिजली न होने की स्थिति में इसे हाथ से चलाने का विकल्प भी दिया है, ताकि पानी और समय दोनों की बचत हो सके। विद्यालय को मिला प्रशस्ति-पत्र : राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए छात्रा कविता कुमारी को प्रमाण-पत्र तथा विद्यालय को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया है। छात्रा की इस उपलब्धि पर स्कूल में बैनर लगाकर उत्साह जताया गया। बैटरी से चलेगी मशीन, हाथ से चलाने का भी विकल्प