श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा बारानी और मांझूवास क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने आक्रोश रैली निकाली। मांझूवास से शुरू हुई रैली 6 किलोमीटर दूर नरसिंहपुरा बारानी स्थित गौशाला तक पहुंची। रैली में करीब 2 हजार लोग शामिल हुए, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के पास कचरा प्लांट नहीं लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कचरा प्लांट लगने से आसपास के खेतों, पशुओं और पर्यावरण पर असर पड़ेगा। रैली में की नारेबाजी रैली में शामिल ग्रामीणों ने पूरे रास्ते नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते कचरा प्लांट का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी अभी भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। खेत, पशु और पर्यावरण को नुकसान की आशंका ग्रामीणों का कहना है कि कचरा प्लांट लगने से आसपास के खेतों, पशुओं और पर्यावरण पर असर पड़ेगा। उनका कहना है कि प्लांट से बदबू, मक्खी-मच्छर और प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि इससे जमीन, पानी और हवा प्रभावित होगी और गांव के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब कचरा प्लांट का विरोध किया जा रहा है। इससे पहले भी कई बार बैठकें की गईं और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप गांव के सरकारी स्कूल भी बंद करवाए थे। बड़े आंदोलन की चेतावनी रैली के आयोजकों ने कहा कि यदि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है तो आने वाले दिनों में धरना-प्रदर्शन, घेराव और उच्च अधिकारियों को डेलिगेशन भेजने जैसे कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा प्लांट उपजाऊ जमीन के पास लगाया जा रहा है, जबकि इसके लिए दूसरी जगह का चयन किया जा सकता है।