प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जहां बारिश हो रही है, वहीं बीकानेर संभाग में पिछले कई दिनों से पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। रविवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो प्रदेशभर में सर्वाधिक था। वहीं बीकानेर संभाग मुख्यालय पर तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। न सिर्फ दिन बल्कि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। उमस के चलते अब बारिश का इंतजार है। वैसे दो-तीन दिन में ही बीकानेर में मानसून की एंट्री होने की उम्मीद की जा रही है। सोमवार को साढ़े 10 बजे जारी अलर्ट में भी बीकानेर में अगले तीन घंटे में बारिश की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग पिछले तीन दिन से बीकानेर में बारिश के लिए एक बार येलो अलर्ट जारी कर रहा है, लेकिन बारिश नहीं हो रही। शनिवार को अकेले नोखा में हल्की रिमझिम हुई, वहीं रविवार को कहीं से भी बारिश की सूचना नहीं आई। दरअसल, उमस से अब बारिश ही छुटकारा दिला सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह भी येलो अलर्ट जारी करते हुए बीकानेर में बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन अब तक बारिश दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है। दिन में पौने आठ बजे जारी अलर्ट में बीकानेर सहित आसपास के जिलों में बारिश की संभावना जताई गई। तीन घंटे के इस अलर्ट की अवधि पूरी हो गई लेकिन बारिश की एक बूंद नहीं आई। जिले में 2 दिन बारिश का अलर्ट बीकानेर में अभी तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक एंट्री घोषित नहीं हुई है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 2–3 दिनों में मानसून के बीकानेर सहित राजस्थान के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। वहीं व्यावहारिक रूप से बीकानेर में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलेगी।