श्रीगंगानगर जिले में ठेकेदारी के काम में पार्टनर बनाकर अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर किसान से 17 लाख 38 हजार 80 रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाप-बेटे ने किसान और उसके बेटे से फर्म में निवेश कराया, लेकिन उन्हें रजिस्टर्ड पार्टनर नहीं बनाया। बाद में रुपए लौटाने से भी इनकार कर दिया। मामला घमुड़वाली थाना क्षेत्र का है। सरकारी भवनों के ठेके दिलाने का दिया भरोसा एसीजेएम कोर्ट, पदमपुर में दी गई शिकायत में श्रीगंगानगर के 38 एलएनपी निवासी दौलतराम ने बताया कि उनकी अभय कुमार और उसके पिता साहबराम से पहले से जान-पहचान थी। दोनों ठेकेदारी का काम करते हैं। बाप-बेटे ने सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों के ठेके लेने और अच्छा मुनाफा कमाने की बात कहकर दौलतराम और उनके बेटे देवांश को अपनी फर्म में निवेश करने के लिए तैयार किया। 50% मुनाफे के बदले निवेश, बैंक से ट्रांसफर किए रुपए शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने निवेश के बदले मुनाफे में 50 प्रतिशत हिस्सा देने और फर्म में रजिस्टर्ड पार्टनर बनाने का भरोसा दिया था। इसके बाद 27 मई 2025 से 14 मार्च 2026 के बीच दौलतराम और उनके बेटे के बैंक खातों से 17 लाख 38 हजार 80 रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा 2 लाख रुपए नकद भी दिए गए। पार्टनर नहीं बनाया, रुपए लौटाने से भी किया इनकार दौलतराम ने आरोप लगाया कि निवेश करने के बाद उन्होंने आरोपियों से फर्म में रजिस्टर्ड पार्टनर बनाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बाद में आरोपियों ने रुपए लौटाने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद दौलतराम ने कोर्ट के जरिए इस्तगासा पेश कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल नायब सिंह कर रहे हैं।