श्रीगंगानगर के जिला हॉस्पिटल में सोमवार को पानी का संकट हो गया। मेन पानी की पाइपलाइन के टूट जाने से सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। वार्डों में भर्ती मरीज, उनके परिजन और स्टाफ घंटों तक पानी के लिए तरसते रहे। बाद में 2 फायरब्रिगेड से हॉस्पिटल में पानी पहुंचाया गया। जानकारी अनुसार- सुखाड़िया सर्किल के पास चल रही खुदाई के दौरान जिला हॉस्पिटल की मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते पूरे हॉस्पिटल में पानी की आपूर्ति बंद हो गई। हॉस्पिटल प्रशासन ने सुबह ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को सूचना दे दी थी। तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया। लेकिन देर शाम तक स्थायी समाधान नहीं निकला। पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ ने मामले की जानकारी जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव को दी। कलेक्टर के निर्देश पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां हॉस्पिटल पहुंचाई गईं। दमकल वाहनों के जरिए वार्डों और जरूरी सेवाओं में पानी पहुंचाया गया। हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया- पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने तक वैकल्पिक जलापूर्ति जारी रहेगी। टॉयलेट में गंदगी, बदबू से हाल खराब सोमवार को हॉस्पिटल में मरीजों की भीड़ सामान्य से कहीं ज्यादा थी। ठीक उसी समय अचानक पानी बंद हो जाने से व्यवस्था चरमरा गई। भर्ती मरीज बिस्तर पर लेटे-लेटे पानी मांगते रहे, जबकि उनके परिजन इधर-उधर दौड़ लगाते दिखे। टॉयलेटों में गंदगी फैल गई। बदबू उठने लगी और हालात इतने बिगड़ गए कि मरीजों को पानी के लिए हॉस्पिटल के बाहर भटकना पड़ा। एक समाजसेवी ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और जरूरी जगहों पर करीब 100 वाटर कैम्पर भिजवाए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को कुछ राहत मिली।