श्रीगंगानगर के विधायक जयदीप बिहाणी और आरयूआईडीपी के एईएन जगनलाल बैरवा के बीच हुए विवाद की जांच गुरुवार को सीआईडी-सीबी को सौंप दी गई है। जवाहरनगर थाना में दोनों पक्षों द्वारा दर्ज मुकदमों की पूरी फाइल सीआईडी-सीबी को भेज दी गई हैं। अब इस मामले की पूरी जांच एजेंसी की ओर से ही की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व बुधवार को AEN की रिपोर्ट पर बुधवार को जवाहर नगर थाना पुलिस ने राजकार्य में बाधा, SC/ST एक्ट व मारपीट करने सहित विभिन्न धाराओं में विधायक जयदीप बिहाणी, एईएन (पीएचडी) कृष्ण धारीवाल, विधायक के निजी सहायक मनीष गर्ग, पार्षद बंटी वाल्मीकि समेत 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। ये था पूरा मामला दरअसल, मामला तब शुरू हुआ जब विधायक जयदीप बिहाणी के जनसेवा केंद्र में पेयजल समस्या को लेकर बैठक बुलाई गई थी। विधायक के पीए मनीष गर्ग की शिकायत पर एईएन जगनलाल बैरवा, शाहनवाज हुसैन और सोहन परमार पर अभद्रता व मारपीट का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने तीनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार भी किया, लेकिन अगले दिन ही उन्हें जमानत मिल गई। जमानत मिलते ही एईएन जगनलाल बैरवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक जयदीप बिहाणी और उनके समर्थकों ने योजनाबद्ध तरीके से उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जातिसूचक गालियां दी और अपमानित किया। साथ ही आंख समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इसके बाद जवाहरनगर थाने में बैरवा पक्ष की ओर से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसमें विधायक जयदीप बिहाणी, उनके पीए मनीष गर्ग, कृष्ण धारीवाल, कृष्ण गोपाल, बंटी वाल्मीकि समेत कुल 20 से अधिक लोगों को नामजद किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच सीओ (एससी/एसटी) विष्णु खत्री को सौंपी गई थी। विष्णु खत्री ने बताया कि दोनों पक्षों की फाइलें अब सीआईडी-सीबी को ट्रांसफर कर दी गई हैं। एजेंसी अब पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करेगी। विधायक पक्ष इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रहा है, वहीं एईएन बैरवा अपने आरोपों पर अडिग हैं। पेयजल विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक, प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर बड़ा मुद्दा बन गया है। FIR दर्ज, SC/ST एक्ट भी लगाया AEN की रिपोर्ट के बाद एसपी के निर्देश पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच SC/ST प्रकरण अनुसंधान सेल के डीएसपी विष्णु खत्री (RPS) कर रहे हैं। बैरवा ने बताया- मैं 36 सालों से सरकारी सेवा में हूं और कभी कोई आपराधिक मामला मेरे खिलाफ नहीं रहा है। वहीं विवाद की जांच के लिए राज्य सरकार ने हाई लेवल जांच कमेटी बनाई है। कमेटी का अध्यक्ष यूडीएच शासन सचिव (IAS) रवि जैन को बनाया गया है। कमेटी शुक्रवार (1 मई) की रात श्रीगंगानगर सर्किट हाउस पहुंची और शनिवार (2 मई) की सुबह दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद घटनाक्रम के तथ्यों को खंगाला था।