भास्कर न्यूज | टोंक जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती ने पिछले कुछ दिनों में कई बड़े खुलासे किए गए हैं। पिछले एक पखवाड़े में साइबर थाना सहित जिले के विभिन्न थानास्तर पर की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में 8 साइबर ठगों सहित 12 की गिरफ्तारी के साथ 3.80 करोड़ से ज्यादा रुपए की ऑनलाइन ठगी उजागर हुई है। सबसे अहम बात यह है कि गिरफ्तार अधिकांश आरोपी 19 से 26 साल की उम्र के युवा हैं, जो कम समय में अमीर बनने की चाह में साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का हिस्सा बन गए। कुल गिरफ्तार 12 लोगों में से 4 वह है जो साइबर ठगी में कमीशन लेने के चलते पुलिस के हत्थे चढ़े है। पुलिस की तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि ये गिरोह फर्जी सिम, बैंक खातों और सोशल मीडिया के जरिए देशभर में लोगों से साइबर फ्रॉड कर रहे थे। टोंक पुलिस के ‘ऑपरेशन हंटर’ और ‘म्यूल हंटर’ के तहत हुई इन कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराध अब गांव-ढाणियों तक फैल चुका है और युवा तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालांकि पुलिस की सख्ती से गिरोहों में हड़कंप है, लेकिन आमजन की सतर्कता ही इस अपराध पर असली रोक लगा सकती है। ये आरोपी फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी लिंक और ओटीपी फ्रॉड इनके मुख्य हथियार थे। गिरफ्तार आरोपी पिछले 2 से 3 साल से सक्रिय पाया गया, जिसके तार अन्य राज्यों में संचालित गिरोहों से भी जुड़े हुए हैं। पूरी गतिविधि तकनीक और सुनियोजित नेटवर्क पर आधारित थी, जहां वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फर्जी कॉल, लिंक तो टेलिग्राम पर फर्जी चैनल के जरिए लोगों को जाल में फंसाया जाता था। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर तुरंत निकाल ली जाती थी। लग्जरी लाइफ जीने का शौक : कम उम्र में जल्दी अमीर बनने और लग्जरी लाइफ जीने की चाहत ने कई युवाओं को साइबर फ्रॉड की राह पर धकेल दिया है। टोंक पुलिस की ओर से साइबर अपराध में गिरफ्तार सभी आरोपियों की उम्र भी 19-26 साल ही है। तकनीक की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर ये लोग फर्जी सिम, बैंक खातों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी को अंजाम दे रहे हैं। शुरुआत में छोटे स्तर से शुरू हुआ यह लालच धीरे-धीरे संगठित अपराध में बदल जाता है, जिससे न केवल कानून का उल्लंघन होता है बल्कि उनका भविष्य भी अंधकारमय हो जाता है। फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों से करते है संगठित तरीके से ठगी कमीशन खोर गिरफ्तार ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत 9 अप्रैल को अपने बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर कर कमीशन लेने वाले गोविंदपुरा (निवाई) निवासी 24 वर्षीय आशाराम मीणा, पीपलू निवासी 20 वर्षीय शंकर नायक और 20 वर्षीय रामधन कुम्हार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 10–20 प्रतिशत कमीशन लेकर बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर ठगों को नकद लौटाते वाले दो युवक हितेश सैनी व विष्णु पाटीदार बनेठा पुलिस ने साइबर ठगों की निशानदेही पर गिरफ्तार किया।