पंचायत चुनाव के बीच कोटा पुलिस ने कांग्रेस के पंचायत समिति मेंबर प्रत्याशी की हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दे दिए हैं। पुलिस के अनुसार, सुल्तानपुर पंचायत समिति के वार्ड 8 से कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ मारपीट, धोखाधड़ी, धमकी, लूट, चौथवसूली और जानलेवा हमला करने सहित अन्य आपराधिक मामलों में 11 मुकदमें दर्ज हैं। मीणा ने अपने नामांकन पत्र में इन केसों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। एसपी ने जारी किए हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश मामले में ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने शनिवार को चंद्रप्रकाश की हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश जारी कर दिए। वहीं चंद्रप्रकाश मीणा का कहना है कि वर्तमान में मेरे खिलाफ सिर्फ 2 मुकदमें हैं। मुझे ठीक से चुनाव का फॉर्म भरना नहीं आता। मुझे नही पता क्या भरना था और क्या नहीं। बतादें, चंद्रप्रकाश पुत्र किशनचंद मीणा सिमलिया के कालारेवा का निवासी है। भाजपा ने यहां से मनोज तिवारी को चुनाव मैदान में उतारा है। चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ साल 1995 से लेकर अभी तक 11 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 4 केस कोर्ट में विचाराधीन हैं। एसपी सुजीत शंकर ने अपने आदेश में लिखा है कि कांग्रेस प्रत्याशी की समाजरोधी और आपराधिक गतिविधियां अभी तक थमी नहीं हैं। ये मामले दर्ज सिमलिया थाना (1996): मारपीट और रास्ता रोकने (धारा 341, 323, 34) का केस। कोर्ट ने 24 फरवरी 1996 को जुर्माना लगाया। सिमलिया थाना (1998): राजकार्य में बाधा और लोकसेवक पर हमले (धारा 430, 332, 353) का केस 21 दिसंबर 2019 को बरी। सिमलिया थाना (2008) घर में घुसने और मारपीट (धारा 448, 323) का केस। कोर्ट ने 14 मई 2022 को सजा सुनाई। सुल्तानपुर थाना (2008) अवैध सभा और मारपीट (धारा 141, 341, 323) का केस। 22 अप्रैल 2014 को फैसला हुआ। नयापुरा थाना (2010): एमवी एक्ट का उल्लंघन का केस। कोर्ट ने 23 जून 2010 को 1000 रुपए का जुर्माना लगाया। सिमलिया थाना (2012): पुलिस ने जुआ खेलते हुए (13 आरपीजीओ) दबोचा। कोर्ट ने 100 रुपए का जुर्माना लगाया। सिमलिया (2014) में गंभीर चोट पहुंचाने और गाली-गलौज (धारा 341, 323, 325, 504, 34) का केस। 16 नवंबर 2017 को राजीनामा हो गया। ये 4 मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं सिमलिया थाना (2018): डरा-धमकाकर पैसे वसूलने (धारा 384, 327, 341, 323) का केस। कोर्ट में विचाराधीन हैं सिमलिया थाना (2018): रंगदारी और हत्या के प्रयास (धारा 384, 386, 387,307,34) का केस कोर्ट में पेंडिंग है सिमलिया थाना (2018) जबरन वसूली, लूट और जानलेवा हमले (धारा 384, 386, 387, 392, 307, 456,, 34) का केस कोर्ट में विचाराधीन हैं उद्योग नगर थाना (2019) भेष बदलकर धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और षडयंत्र रचने (धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120 बी) का केस कोर्ट में विचाराधीन हैं।