खींवसर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत टांकला में सरपंच चुनाव के बाद विवाद गहरा गया है। प्रत्याशी घेवरी देवी ने मतगणना में अनियमितता और पक्षपात का आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर से पुनर्मतगणना कराने की मांग की है। वहीं, उनके मतदान अभिकर्ता पप्पूराम ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी मतदान कराने और विरोध करने पर पुलिसकर्मियों की ओर से मारपीट व जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए हैं। दोनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। वार्डवार मतगणना नहीं कराने, मतपत्र नहीं दिखाने का आरोप कलेक्टर को दिए ज्ञापन में घेवरी देवी ने बताया कि 24 अक्टूबर को प्रथम चरण के पंचायतीराज चुनाव के तहत टांकला ग्राम पंचायत में मतगणना हुई थी। उनका आरोप है कि मतगणना के दौरान आरओ और एआरओ ने नियमों की अनदेखी की। मतपेटियों को वार्डवार अलग-अलग खोलने के बजाय एक साथ खोला गया और मतगणना प्रत्याशियों व उनके अभिकर्ताओं के सामने पारदर्शी तरीके से नहीं कराई गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मतपत्रों पर लगे चुनाव चिह्न दिखाने की मांग करने पर अधिकारियों ने इनकार कर दिया। मतगणना की वीडियोग्राफी नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए हैं। घेवरी देवी का दावा है कि इन अनियमितताओं के चलते उन्हें गलत तरीके से पराजित घोषित कर साबूदेवी को विजेता घोषित कर दिया गया। मृत व्यक्तियों के नाम पर वोट डालने की शिकायत घेवरी देवी ने मतदान के दौरान भी फर्जी वोटिंग होने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, मतदान अभिकर्ता पप्पूराम ने कुछ ऐसे व्यक्तियों के नाम पर मतदान करने आए लोगों पर आपत्ति जताई थी, जिन्हें मृत बताया गया। आरोप है कि आपत्ति जताने के बाद अभिकर्ता को मतदान कक्ष से बाहर निकाल दिया गया और करीब 35 से 40 मिनट तक बाहर रखा गया। प्रत्याशी ने इस दौरान फर्जी मतदान कराए जाने का दावा करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है। एजेंट बोला- विरोध किया तो डंडों से पीटा, कमीज फाड़ी पुलिस अधीक्षक को दिए परिवाद में पप्पूराम ने बताया कि वह बूथ नंबर 54 पर घेवरी देवी का निर्वाचन अभिकर्ता था। उसके अनुसार, शाम करीब 5:15 बजे एक व्यक्ति अनाराम पुत्र प्रभुराम के नाम पर वोट डालने आया तो उसने आपत्ति जताई। पप्पूराम का आरोप है कि करीब 10 मिनट बाद वही व्यक्ति मूलाराम पुत्र सीताराम के नाम से दोबारा आया, जिस पर उसने फिर विरोध किया। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों सुभाष और राहुल ने उसे बूथ से बाहर निकालकर मारपीट की। पप्पूराम ने डंडों से चोट पहुंचाने, कमीज फाड़ने और जातिसूचक गालियां देकर अपमानित करने का आरोप भी लगाया है। उसने रीढ़ की हड्डी में चोट लगने की बात कहते हुए मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की है। पुनर्मतगणना और एफआईआर दर्ज कराने की मांग घेवरी देवी ने निष्पक्ष अधिकारियों की निगरानी में प्रत्याशियों के सामने वार्डवार पुनर्मतगणना कराने की मांग की है। वहीं, पप्पूराम ने खींवसर थाने में एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।