तेरापंथ महिला मंडल की वर्ष 2025-26 की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन बुधवार को प्रज्ञा विहार प्रांगण में किया। इस बैठक में सालभर की गतिविधियों, आय-व्यय, संगठनात्मक कामों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ हुई, जिसके बाद महिला मंडल की सदस्यों ने प्रेरणादायी गीत पेश किया। साधारण सभा में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा समाज में मर्यादित जीवन शैली को बढ़ावा देने की बात कही गई। बैठक के दौरान मंडल की विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विभागों के प्रतिवेदन और लेखा-जोखा सदन के सामने रखे, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया। साधारण सभा के दौरान संगठनात्मक ढांचे और नियमों की जानकारी देने के लिए नीता सोनी ने संगठन के संविधान का वाचन किया। उन्होंने इसके उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और पदाधिकारियों के दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। इसी दौरान संविधान पर आधारित एक रोचक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें मौजूद महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर जवाब दिए। इसके साथ ही मंत्री निरुपमा धारीवाल ने सालभर में आयोजित विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और रचनात्मक कार्यक्रमों का मंत्री प्रतिवेदन पेश किया और पिछले साल की कार्यवाही का प्रतिवेदन सदन से सर्वसम्मति से मंजूर कराया। आय-व्यय का लेखा-जोखा पेश और मर्यादा पर वक्तव्य: बैठक में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कोषाध्यक्ष नीतू चोरड़िया ने सालभर के आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा सामने रखा। इसके अलावा कन्यामंडल संयोजिका स्नेहा पगारिया और खुशी रांका ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कन्यामंडल की गतिविधियों का प्रतिवेदन और आय-व्यय का विवरण सदन के समक्ष रखा। इस मौके पर डिम्पल सोनी ने "मर्यादा हमारी पहचान बने" विषय पर वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मर्यादित और संयमित जीवन शैली ही तेरापंथ धर्मसंघ की असली पहचान है और हर सदस्य को अपने आचरण से इन मूल्यों को समाज तक पहुंचाना चाहिए। महिला मंडल अध्यक्षा मनीषा कच्छारा ने सभी से हर गतिविधि में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष कीर्ति कोठारी और आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष सरोज चोरड़िया ने किया।