शहर में सीवरेज लाइन डाले जाने पर क्षेत्र को लेागों को बहुत खुशी हुई थी। उन्होंने सोचा था कि क्षेत्र में अब चारों तरफ सफाई होने लगेगी। अधिकांश जगह हालात ये हैं कि सीवरेज लाइन के चैंबर से पानी निकलकर सड़क पर आने की समस्या बढ़ गई है। काली पलटन के हैदर अली, बड़ा कुआ के राजेश सहित कई लोगों ने बताया कि शहर में अधिकांश जगह सीवरेज लाइनें बिना किसी नियम कायदे के उबड़-खाबड़ बना दी गई। जिसका खामियाजा पूरा शहर भुगत रहा है। क्षेत्र के लोगों ने इसकी शिकायत जब ये कार्य हो रहा था तब भी प्रशासन से की। उसके बाद भी कई बार शिकायतें की जा चुकी है। यहां तक की चतरा खटीक के नाले, कचहरी दरवाजे के आसपास क्षेत्र का सांसद ने दौरा कर स्थिति देखी। उन्होंने भी प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन हालत नहीं सुधरे। करीब तीन साल से लोग सीवरेज लाइन में बरती गई लापरवाही से परेशान हो रहे हैं। काली पलटन के फैसल, सलीम सहित कई लोगों ने बताया कि सीवरेज से आए दिन गंदा पानी बहना आम बात हो गई है। कई-कई बार तो पैदल चलना भी दुश्वार हो रहा है। इसी प्रकार रजबन, मोहल्ला गोल आदि से भी शिकायतें मिल रही है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि टोंक शहर में करीब पौने चार सौ करोड़ रुपए की लागत से पेयजल लाइन एवं सीवरेज आदि का कार्य किया गया है। जो ठीक नहीं होने के बाद से ही लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इस संबंध में प्रशासन भी कोई संतोषजन जवाब पिछले तीन साल में नहीं दे पाया है। कई जगह सफाई कराए जाने के अलावा कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। कई जगह सीवरेज लाइन एवं पेयजल लाइन मिलने से गंदे पानी की समस्याएं भी आए दिन सामने आती रहती है। राजस्थान शहरी आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के तहत टोंक शहर में पेयजल और सीवरेज सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया। मुख्य प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 379.65 करोड़ रुपए बताई गई है। जिसमें सीवरेज लाइन बिछाने, घरों को कनेक्शन देने और संबंधित कार्य शामिल हैं। 2021-22 में 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया। लोगों को समस्याएं दिखने भी लगी। लोगों ने लापरवाही की शिकायतें भी करना शुरू कर दिया था। जब से अब तक शिकायतें की जा रही है। नगर परिषद बोर्ड की बैठक में भी मामला उठा। लेकिन समाधान नहीं हो सका।