भास्कर न्यूज | टोंक/बनेठा राजस्थान पुलिस ने ककोड़ चौकी में पदस्थापित अपने जांबाज कांस्टेबल भागचंद सैनी की हत्या के 'ब्लाइंड मर्डर' केस को सुलझाते हुए मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी रिश्ते में जीजा-साला हैं, जिन्होंने शनिवार देर रात शिकार के दौरान टोकने पर कांस्टेबल भागचंद की टोपीदार बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अवैध बंदूक, बारूद, छर्रे और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है। हत्या के आरोपी राजेश (32) पुत्र बजरंग लाल मीणा मोटिस की झोपड़ियां, थाना उनियारा और भट्टों का नया गांव, थाना नैनवां (बूंदी) निवासी दिलराज मीणा(32) पुत्र सोहन लाल मीणा ने िशकार टोपीदार बंदूक से कांस्टेबल भागचंद सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या की घटना के 12 के भीतर आरोपियों को हिरासत में लिया था। लेकिन चूंकि मामला पुलिसकर्मी की हत्या से जुड़ा था, इसलिए पुख्ता सबूत के साथ अनुसंधान पूरा होने के बाद ही मंगलवार को इसका खुलासा किया गया। एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि आरोपी शिकार करने के इरादे से आए थे। शनिवार की देर रात जब गश्त करते हुए कांस्टेबल भागचंद सैनी की नजर जब दोनों पर पड़ी और उसके द्वारा जब आरोपियों को रोकना का प्रयास किया तो आरोपियों से आमना-सामना हो गया और अभियुक्तों ने टोपीदार बंदूक से कांस्टेबल भागचंद सैनी को नजदीक से सीने पर फायर कर कर दिया, जिससे भागचंद की मौत हो गई। 12 घंटे में आरोपियों को पकड़ने व बाद पूछताछ सोमवार देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं मंगलवार को दोनों को उनियारा में मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर 8 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया है। राजेश ने नजदीक से किया फायर कांस्टेबल के ब्लाइंड मर्डर करने के दोनों आरोपी का मुख्य कार्य ट्रक ड्राइविंग है। लेकिन शिकार के शौक के चलते वह टोपीदार बंदूक लेकर रूपवास मोड़ पर सड़क के करीब जंगल में शिकार करने निकले थे और उसी दौरान उनका कांस्टेबल भागचंद सैनी से सामना हो गया। कांस्टेबल ने दोनों सरेंडर करने को कहा, खुद को फंसता देख आरोपी राजेश ने टोपीदार बंदूक से भागचंद के सीने के पास आकर फायर कर दिया था। उसके नीचे गिरते ही आरोपी जीजा राजेश और साला दिलराज मौके से फरार हो गए थे। डीएसपी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि कांस्टेबल की हत्या के बाद पुलिस ने पूरे एरिया को छानते हुए अहम सुराग जुटाने के प्रयास किए। अंधड़ के चलते पेट्रोल पंप व अन्य जगहों के सीसीटीवी कैमरे बंद होने के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को एक्टिवेट किया। साथ ही 3 और 4 मई को रूपवास मोड़ के आसपास जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। घटनास्थल पर बारीकी से परीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बॉडी से छर्रे मिलने के बाद पुलिस ने जंगल में शिकारियों पर फोकस करते हुए जांच आगे बढ़ाई। मृतक कांस्टेबल के परिजनों ने पहले अवैध बजरी खनन माफिया पर हत्या का अंदेशा जताया था। मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान कांस्टेबल की बॉडी से 11 छर्रे मिले थे। इससे साफ था कि हत्या किसी धारदार हथियार से नहीं बल्कि फायर आर्म्स से की गई। पोस्टमार्टम के दौरान 11 से ज्यादा छर्रे निकाल लिए थे, चूंकि नजदीक से फायर होने के बाद छर्रों ने हार्ट व फेफड़ों को पंक्चर कर दिया है। जो उनकी मौत का प्रमुख कारण रहा। सीने पर फायरिंग के अलावा मृतक की आंख के दायीं तरफ, दायें गाल और गर्दन पर छर्रों के निशान थे। सोमवार को सुबह ही पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी गई थी। 3 मई सुबह रूपवास मोड़ के पास कांस्टेबल भागचंद सैनी का शव मिलने के बाद परिजनों व समाज के विरोध पर पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया था। एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि मामले में बनेठा व उनियारा थाना पुलिस, डीएसटी, साइबर टीम व डीएसपी आकांक्षा कुमारी सहित अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने 24 घंटे तक लगातार सर्च व जांच अभियान चलाते हुए महज 12 घंटे में दोनों आरोपियों को रूपवास जंगल से पकड़ लिया। मृतक के पिता कालूराम माली ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।