डूंगरपुर| जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड थर्ड यूनिट में लगाई गई लिफ्ट आए दिन खराब होने से मरीज और अस्पताल प्रशासन परेशान है। लिफ्ट ठीक कराने के बाद कुछ दिन चलती है, फिर दोबारा बंद हो जाती है। कई बार चलती लिफ्ट बंद होने से मरीज और उनके परिजन उसमें फंस चुके हैं। दरअसल, वर्ष 2023 में करीब 4.54 करोड़ रुपए की लागत से इमरजेंसी वार्ड के ऊपर 80 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड वार्ड को मेडिकल वार्ड थर्ड यूनिट बनाया गया था। इस वार्ड में गंभीर और दुर्घटना में घायल मरीजों को भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया जाता है। यह यूनिट इमरजेंसी वार्ड से लगभग 10 फीट ऊंचाई पर स्थित है। मरीजों की आवाजाही के लिए एक मात्र लिफ्ट और परिजनों के लिए लोहे की सीढ़ियां बनाई गई थीं, लेकिन लिफ्ट के बंद रहने से मरीजों को सीढ़ियों से वार्ड तक पहुंचना पड़ रहा है। मेडिकल वार्ड थर्ड यूनिट में लगी लिफ्ट हाइड्रॉलिक सिस्टम पर आधारित है। अस्पताल कार्मिकों ने बताया कि अब तक इसे 6 से 7 बार ठीक कराया चा चुका है, इसके बावजूद बार-बार खराब होने से यह अक्सर बंद पड़ी रहती है। तकनीकी खराबी के चलते यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग, गंभीर और घायल मरीजों के लिए इन सीढ़ियों पर चढ़ना-उतरना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा साबित हो रहा है। लिफ्ट लंबे समय से बंद होने से अस्पताल में आने वाले कार्मिक अब यहां पर अपने वाहन पार्क करने लग गए हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर का कहना है कि मेडिकल वार्ड यूनिट की लिफ्ट की समस्या बनी हुई है। कई बार इसे ठीक करवाया है। इसे दोबारा ठीक करवाकर मरीजों को राहत देने का काम किया जाएगा।