पंचायत चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए मतदान होगा। मतदान के तुरंत बाद प्रत्याशियों को शाम 7 बजे बाड़ेबंदी में जाना होगा। सभी दूसरे जिलों में भेजे जाएंगे। भाजपा इस मामले में आगे है और मतदान के तुरंत बाद प्रत्याशियों को बैग पैक करने की हिदायत दी गई है। उधर, कांग्रेस सहित अन्य दल भी इस तरह की तैयारी में जुटे हुए हैं, ताकि तोड़फोड़ नहीं हो। जिला परिषद और पंचायत समितियों के परिणाम 20 नवंबर को आएंगे। ऐसे में राजस्थान में अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी बाड़ेबंदी होगी, जो इससे पहले किसी राज्य में नहीं हुई है। पिछली बार अलग-अलग चरणों में मतदान और परिणाम आए थे, तब भी 8 से 10 दिन से ज्यादा बाड़ेबंदी नहीं हुई थी। उस समय 7300 वार्डों के लिए करीब 13 हजार प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की गई थी। इस बार चारों चरणों में यह आंकड़ा 18 हजार से अधिक रहेगा। दिवाली पर बाड़ेबंदी बरकरार रखना भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के लिए चुनौती होगी। गौरतलब है कि चुनाव चार चरणों में होंगे और ये 14 नवंबर तक चलेंगे। इसके बाद 20 नवंबर को मतगणना होगी। जिला परिषद की स्थिति प्रति सीट औसत उम्मीदवार : 2.88 राज्य स्तर पर जिला परिषद की प्रत्येक सीट पर औसतन 2.88 उम्मीदवार मैदान में हैं। अधिकांश सीटों पर त्रिकोणीय (3 उम्मीदवार) या बहुकोणीय मुकाबला है, जबकि सीधे मुकाबले (2 उम्मीदवार) वाली सीटें कम हैं। पंचायत समिति की स्थिति प्रति सीट औसत उम्मीदवार : 2.89 पंचायत समिति की प्रत्येक सीट पर औसतन 2.89 उम्मीदवार मैदान में हैं। औसत संख्या तीन से अधिक होने के कारण अधिकांश सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय बना हुआ है। 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में प्रति सीट 3 से 4 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए मतदान होगा। पहले चरण में 85.7 लाख मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनेंगे। प्रत्येक मतदाता दो पदों के लिए मतदान करेगा। एक ईवीएम से वोट डालने के बाद मतदाता दूसरी ईवीएम से मतदान करेगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला है। चुनाव प्रचार में पाइप बिजली लाइन से टकराया, 2 की मौत पीपलखूंट क्षेत्र के रेणंदा गांव में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सभा में टेंट का पाइप हाइटेंशन बिजली लाइन से टकरा गए। करंट की चपेट में आए दो लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में मोहन (30) और डेमरीपाड़ा निवासी अर्जुन हैं। इसके अलावा घायल 20 लोगों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जिस स्थान पर 150 से अधिक लोगों का खाना और सभा आयोजित की जा रही थी, उसके ठीक ऊपर से हाइटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। खुले मैदान या बिजली तारों के नीचे अस्थायी निर्माण करते समय सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन या विद्युत निगम से सुरक्षा एनओसी ली गई थी या नहीं, इस पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सभा के दौरान तेज आंधी चलने से टेंट उड़ गया और पाइप बिजली की तार को छू गया। इस दौरान कुछ लोगों ने पाइप पकड़ रखी थी।