संभाग का सबसे बड़ा पीबीएम अस्पताल इन दिनों मरीजों को राहत देने के बजाय खुद सिस्टम की खामियों की आग में सुलग रहा है। आसमान से बरसती आग और 43 डिग्री के टॉर्चर के बीच अस्पताल की एयर कंडीशनिंग (एसी) व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हालात ये हैं कि पूरे कैंपस के करीब 1500 एसी में 400 से ज्यादा कराब पड़े हैं। सबसे बदतर स्थिति जनाना विंग की है, जहां लेबर रूम से लेकर डॉक्टर्स के चैंबर तक पिछले तीन महीनों से भट्टी की तरह तप रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि डॉक्टर, मैट्रन और नर्सिंग ऑफिसर अधीक्षक को पत्र लिखकर थक चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। इस अव्यवस्था के बीच मेंटेनेंस ठेकेदार की ‘दबंगई’ चरम पर है। वह खुलेआम नर्सिंग स्टाफ से कह रहा है- ‘मैडम, शिकायत कर दो कि ठेकेदार काम नहीं कर रहा।’ दरअसल जनाना विंग की सुपरवाइजर निर्मला स्वामी ने अधीक्षक से शिकायत की है कि गायनी कैजुअल्टी 107, एचओडी डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. कमलेश, डॉ. मोनिका, डॉ. स्वाति कोचर, डॉ. मीरा मिश्रा के चैंबर के एसी तीन महीने से खराब पड़े हैं। शिकायत की कॉपी नोडल ऑफिसर डॉ. विवेक सामोर, डॉ. गौतम लूणिया, डॉ. जितेंद्र आचार्य और ईएमडी प्रभारी को भी दी गई है। गायनी एचओडी डॉ. संतोष खजोटिया का कहना है कि लेबर रूम सहित सभी डॉक्टर्स के चैंबरों के एसी खराब हैं। अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने बताया कि ठेकेदार को पाबंद किया गया है। ऑडियो वायरल - ठेकेदार की मनमानी का ‘कच्चा चिट्ठा’ पीबीएम में एसी मेंटेनेंस के ठेकेदार और जनाना विंग की एक महिला नर्सिंग ऑफिसर के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह ऑडियो अस्पताल अधीक्षक और प्रिंसिपल को भी सबूत के तौर पर भेजा गया है। ऑडियो सुनने के बाद यह साफ झलकता है कि प्रशासन ने ठेकेदार को मनमानी की खुली छूट दे रखी है। आलम यह है कि सरकारी सिस्टम एक ठेकेदार के सामने नतमस्तक है और जिम्मेदार कर्मचारी मिन्नतें करने को मजबूर हैं। दावा किया जा रहा है कि मैकेनिक सामने बैठा होने के बावजूद काम करने से मना कर रहा है। (नोट: भास्कर इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इस संबंध में गुरुवार को अधीक्षक को लिखित शिकायत दी गई है।)