राजस्थान में कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस खुद ‘मैनपावर’ के गहरे संकट से जूझ रही है। 31 दिसंबर 2025 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पुलिस विभाग में कुल 1,25,418 स्वीकृत पदों में से 28,003 पद खाली हैं, यानी करीब 22.3% कमी। सबसे गंभीर स्थिति जांच अधिकारियों- उप निरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक की है, जहां लगभग 50% पद रिक्त हैं। इसका सीधा असर केसों की जांच, गश्त और कानून-व्यवस्था पर दिख रहा है। थानों में सिपाही और हेड कांस्टेबल की कमी से ड्यूटी का दबाव बढ़ा है, जबकि जांच अधिकारी कम होने से एक-एक अफसर पर दर्जनों केसों का भार आ गया है। नतीजतन, न्याय प्रक्रिया धीमी पड़ रही है और फील्ड में पुलिसिंग कमजोर हो रही है। जांच तंत्र हो रहा प्रभावित IPS में अच्छी स्थिति पेंडेंसी, ओवरड्यूटी व कमजोर गश्त जयपुर कमिश्नरेट; सबसे ज्यादा दबाव