भास्कर न्यूज | बारां शहर के नयापुरा क्षेत्र स्थित पुनर्निर्मित महादेव मंदिर में सोमवार को पांच दिवसीय शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के बीच शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। आयोजन में हाड़ौती संभाग सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महाप्रसादी वितरण और भंडारा देर रात तक चलता रहा। मंदिर श्री फूल मालियान पंचायत बड़ा तख्त के महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार सुमन ने बताया कि महोत्सव की शुरूआत 7 मई को 5 कुंडीय यज्ञ के साथ हुई थी। 5वें दिन सोमवार को मुख्य आचार्य गांवगुरु पंडित सत्यनारायण शर्मा के सान्निध्य में वैदिक रीति-रिवाजों से शिव परिवार की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। कार्यक्रम में मुख्य यजमान ओम सुमन तथा सहयोगी यजमान महेंद्र सुमन मिस्त्री, राकेश बीरपुरा, रविंद्र सुमन और जयप्रकाश सुमन दंपतियों ने पूजा-अर्चना एवं पूर्णाहुति में भाग लिया। दोपहर करीब 2 बजे शिव परिवार की प्रतिमाओं को नव निर्मित महादेव मंदिर में स्थापित किया गया। इसके बाद भगवान श्रीरामचंद्र महाराज के देव विमान को गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा के रूप में महाप्रसादी स्थल तक लाया गया। शोभायात्रा में पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे भक्ति गीतों पर नाचते-गाते नजर आए। मंदिर समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद सुमन ने बताया कि शहर के माथना रोड स्थित स्वर्गीय पटेल बद्रीलाल सुमन की बाड़ी में महाप्रसादी और भंडारे का आयोजन किया गया। इसके लिए 21 क्विंटल शक्कर से विशेष प्रसाद तैयार किया गया था। दोपहर 3 बजे शुरू हुआ प्रसादी वितरण देर रात तक जारी रहा। उन्होंने बताया कि गांव, ढाणी, कस्बों और शहरों की चौरासी फूल मालियान पंचायतों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी को भेंट अर्पित की, जिसे मंदिर समिति ने सहर्ष स्वीकार किया। आयोजन में प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। पूर्व और वर्तमान मंत्री, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, चेयरमैन, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, पंच और वार्ड पार्षद कार्यक्रम में पहुंचे। मंदिर श्री फूल मालियान पंचायत बड़ा तख्त की ओर से अतिथियों का सम्मान किया गया। आयोजन में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। महाप्रसादी वितरण और भंडारे में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने सहयोग किया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और समरसता की झलक दिखाई दी।