राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल अपने गठन के 21 साल बाद खुद का सिलेबस तैयार करेगा। अब तक यह राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के सिलेबस के आधार पर ही 10वीं-12वीं की परीक्षा आयोजित करता रहा है, लेकिन इस पर हर साल कॉपीराइट के 25 लाख से अधिक खर्च होते हैं। साथ ही सिलेबस में राजस्थान के इतिहास से जुड़े टॉपिक भी बहुत कम हैं। इससे यह राजस्थान के विद्यार्थियों के लिए उपयोग नहीं है। अब नए सिलेबस में राजस्थान के कला, संस्कृति और इतिहास को शामिल किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू : राजेंद्र शर्मा हंस, पूर्व सचिव, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल गठन से लेकर अब तक स्टेट ओपन स्कूल अपना सिलेबस तैयार नहीं कर पाया, यह चिंतनीय है। मेरे सचिव रहते भी इस दिशा में प्रयास हुआ था। तकनीकी कारणों से यह संभव नहीं हो पाया। अब स्टेट ओपन खुद सिलेबस तैयार कर रहा है। यह अच्छी बात है। इसमें प्रदेश से जुड़ी जानकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी तो प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मदद मिलेगी। “हमने कुछ सरकारी विश्वविद्यालयों को सब्जेक्ट एक्सपर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। खुद का सिलेबस होगा तो कई फायदे होंगे।” - अरुणा शर्मा, सचिव, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल