खाद्य उत्पाद की जांच करते डॉ. शर्मा। भास्कर न्यूज | ब्यावर प्रदेश में जल्द ही आम लोगों सस्ती दवाइयां मिलने वाली हैं। इसका खुलासा मंगलवार को ब्यावर पहुंचे सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने किया। उन्होंने यहां बीएनके सहकारी उपभोक्ता भंडार का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि दवाओं पर छपने वाली अधिकतम खुदरा मूल्य और उनकी वास्तविक उत्पादन लागत के बीच के भारी अंतर को कम करने को लेकर सरकार की ओर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार इस अंतर को कम करने के लिए विशेष प्लानिंग कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के विस्तार और उनकी कार्यप्रणाली में सुधार पर चर्चा की। ​डॉ. शर्मा ने श्री अन्न योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान डॉ. समित शर्मा ने सहकारी उपभोक्ता भंडार के उत्पादों की भी जांच की और गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से बात की। इस दौरान बीएनके उपभोक्ता भंडार प्रबंधक यशपाल सिंह, चेयरमैन रतन लाल मेहता, किशोर सिंह सांगरवास सहित अन्य मौजूद थे। खेती में फर्टिलाइजर के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों से उत्पादन तो बढ़ रहा है, लेकिन यह मानव शरीर के लिए दीर्घकालिक रूप से अत्यंत नुकसानदायक है। फर्टिलाइजर के कारण गंभीर बीमारियां पनप रही हैं, जिसे रोकने के लिए जैविक उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है। विभाग अब सहकारी संस्थाओं के माध्यम से शुद्ध और जैविक उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। ​दवा विक्रेताओं की समस्याओं पर बात करते हुए डॉ. शर्मा ने स्वीकार किया कि आरजीएचएस के तहत प्रदेश में दवा विक्रेताओं का 50 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान बकाया है। इस बकाया राशि के कारण भंडार की दुकानों पर पेंशनर्स और मरीजों को समय पर दवाइयां मिलने में कठिनाई हो रही है। विभाग प्रयासरत है कि बकाया का जल्द भुगतान कर व्यवस्था सुचारू करवाए। सरकार ने हाल ही में 15 करोड़ दिए हैं, जिससे दवाओं की आपूर्ति में सुधार होगा। पेंशनर व आरजीएचएस में दवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।