तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल से फरार 17 में से 13 कैदी गिरफ्तार हो चुके हैं।एक जेल के पीछे झाड़ियों में मिला। तीन सड़क पर चलते हुए और एक को ऑटोरिक्शा में चढ़ते हुए पकड़ा गया। आठ और को तमिलनाडु के थेनी शहर के पास एक जंगल वाले इलाके में ट्रैक किया गया, जहां ड्रोन और 300 से ज़्यादा पुलिस वाले सर्च में शामिल हुए। इन सभी को उठाकर पुलिस दोबारा जेल ले गई। बाकी 4 कैदियों की तलाश जारी है। इन्हें पकड़ने के लिए 17 स्पेशल टीमें बनाई गईं। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात 9 जेलकर्मी-अधिकारी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिए गए हैं। कैदियों ने एक साथी को मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। उसकी मदद के लिए जैसे ही जेलकर्मी सेल में पहुंचे, सभी ने उन पर हमला कर दिया और फरार हो गए। तमिलनाडु में कैदियों के एक साथ फरार होने की यह 1995 के बाद बड़ी घटनाओं में से एक है। तब वेल्लोर किले के अंदर बने विशेष हिरासत केंद्र से LTTE के 43 संदिग्ध सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। उस सुरंग की लंबाई करीब 153 फीट (47 मीटर) थी। कैदियों के पकड़े जाने की फोटोज एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट, अस्पताल में भर्ती पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, कैदियों ने बताया था कि एक कैदी को दौरे पड़ रहे हैं। इसके बाद जेल कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे सभी कैदियों ने उन पर हमला कर दिया। घटना में 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। थेनी जिला जेल में तैनात ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट आई है। उन्हें जी. विलाक्कु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य जेलकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं। 16 जगहों पर चेकपोस्ट, वाहनों की जांच जारी घटना के बाद आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 जगहों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं। यहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि फरार कैदियों को पकड़ा जा सके। डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस. जयकुमार ने चेकपोस्ट बनाए जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने मदुरै, डिंडीगुल और केरल के इडुक्की जिले के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी है। फरार कैदियों की तस्वीरें सभी पुलिस थानों के बीच शेयर की गई हैं। विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल घटना के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर जेल की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। DMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि चेन्नई की पुजल जेल से दो कैदियों के फरार होने की घटना के बाद अब थेनी से 17 कैदियों का भागना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना होना स्वीकार नहीं किया जा सकता। AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने भी जेल की सुरक्षा पर सवाल उठाए। BJP के मुख्य प्रवक्ता नारायणन थिरुपति ने इसे सरकार की नाकामी बताया। --------------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… श्योपुर जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर कैदी फरार: आरोपी ने चादरों से रस्सी बनाई श्योपुर जिला जेल से शनिवार दोपहर एक कैदी 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। उसने चादरों को जोड़कर रस्सी बनाई और दीवार पार कर ली। घटना दोपहर 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पूरी खबर पढ़ें…