भास्कर न्यूज| जैसलमेर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा चलाए जा रहे बाल विवाह निषेध अभियान व एक्शन प्लान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जैसलमेर अध्यक्ष ओमी पुरोहित के निर्देशन में व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व सिकोईडिकोन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एडीआर सेंटर में विधिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशिक्षु आरजेएस सिद्धार्थसिंह राजपुरोहित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंवतदान, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग हिम्मतसिंह कविया, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मुकेश कुमार व्यास, प्रभारी अधिकारी सिकोईडिकोन संस्था गोविंदसिंह, अजय व्यास, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे। सचिव ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति के साथ साथ कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से बाल विवाह की आवश्यक रोकथाम के लिए जिला मुख्यालय जैसलमेर पर पुलिस विभाग की ओर से नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे कार्यरत है व जिसके दूरभाष नंबर 02992-250747 एवं वाट्सएप नंबर 9530438715 है। जिसके प्रभारी अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिम्मतसिंह है। इसके अतिरिक्त बाल विवाह की शिकायत निशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन नंबर 8306002123, जेआरसी हेल्पलाइन नंबर 18001027222, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 पर भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विधिक प्रावधानों के अनुसार विवाह के समय लड़के की आयु कम से कम 21 वर्ष तथा लड़की की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इस अधिनियम के अनुसार बाल विवाह के लिए 2 वर्ष तक का कारावास और 1 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही शिविरों में बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी अवगत कराया गया कि बाल विवाह के कारण अवयस्क बच्चों का स्वास्थ्य विपरीत रूप से प्रभावित हो सकता है व उनके व्यक्तित्व का विकास अवरूद्ध हो जाता है।