भास्कर न्यूज | टोंक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सूची में टोंक कलेक्टर भी बदल गया है। प्रशासनिक कारणों के चलते हुए फेरबदल के बाद 2015 की यूपीएससी टॉपर और 2016 बैच आईएएस अधिकारी टीना डाबी को टोंक का जिम्मा सौंपा गया है। वह पिछले 19 माह से बाड़मेर में कलेक्टर ​थीं। टोंक कलेक्टर कल्पना अग्रवाल को निदेशक व पदेन विशिष्ट शासन सचिव, जल ग्रहण विकास व भू संरक्षण विभाग जयपुर में नियुक्त किया है। जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम के जरिए बाड़मेर जिले को प्रथम स्थान दिलाने पर डाबी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कृत भी किया था। रेगिस्तानी क्षेत्र में पानी की कमी दूर करने के उनके नवाचारी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। हालांकि बाड़मेर में एक महिला कॉलेज में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर डाबी को रील स्टार कहने और भीलवाड़ा एसडीएम रहते हुए पाकिस्तान में रह रहे व्यक्ति की करोड़ों की जमीन का खातेदारी अधिकार दूसरों को देने जैसे विवाद भी सुर्खियों में रहे है। टोंक की बात करें तो पिछले 5 सालों में यह चौथा व लगातार तीसरा मौका है जब महिला कलेक्टर को जिले का जिम्मा सौंपा गया है। यूपीएससी 2015 में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल कर राष्ट्रपति से गोल्ड मेडल पाने वाली टीना डाबी जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों को संभाल चुकी है। कलेक्टर के रुप में टोंक उनका तीसरा जिला है। राजस्थान कैडर मिलने के बाद उन्होंने अजमेर में प्रशिक्षण लिया और फिर अजमेर, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, जैसलमेर व बाड़मेर में प्रशासनिक अधिकारी रह चुकी है। टीना डाबी की नियुक्त से टोंक में भी नवाचार मॉडल की उम्मीद जागी है। उल्लेखनीय है कि टोंक कलेक्टर रही डा. सौम्या झा ने यहां पर गणित विषय से संबंधित पढ़ाई विद एआई पोर्टल शुरू किया। जिसका भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। अब टोंक के प्रबुद्धजनों को टीना डाबी से भी नवाचार एवं क्षेत्र विकास में काफी उम्मीद जागी है।बाड़मेर में कैच द रेन अभियान चलाया था, लोगों की भागीदारी बढ़ाई। नवो बाड़मेर अभियान , महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष फोकस। सामाजिक अभियानों के जरिए लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश। कोविड-19 कंट्रोल का भीलवाड़ा मॉडल अपनाया। आईएएस अधिकारी टीना डाबी की पहली पोस्टिंग बतौर सहायक कलेक्टर अजमेर के रुप में हुई थी। इसके बाद वह भीलवाड़ा में एसडीएम रही, जुलाई 2000 में वह श्रीगंगानगर में सीईओ जिला परिषद बनी। नवंबर 2000 में डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंस में बतौर ज्वाइंट सेक्रेट्री और जुलाई 2022 में जैसलमेर की कलेक्टर नियुक्त होने के बाद वहां वह दो साल कार्यरत रही।