टोंक में पहली बार ओडिशा की तर्ज पर भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। 25 फीट ऊंचे विशेष हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान रहीं, जबकि श्रद्धालुओं ने 100 फीट लंबी दो रस्सियों से रथ को खींचा। आषाढ़ी दूज पर इस्कॉन सेंटर के तत्वावधान में निकली यह यात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग-करताल और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में विराजे भगवान भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा गुरुवार शाम हटवाड़ा मैदान स्थित इस्कॉन सेंटर से 56 भोग और आरती के साथ शुरू हुई। जयपुर से मंगवाए गए विशेष 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान थीं। भगवान के रथ को 100 फीट लंबी दो रस्सियों से श्रद्धालु खींचते हुए पूरे मार्ग पर ले गए। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली यात्रा रथयात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम के पास से शुरू होकर कंकाली माताजी मंदिर, गांधी पार्क, घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, काफला बाजार, नौशे मियां का पुल, बड़ा कुआं, सबील शाह की चौकी, जैन नसिया और हेमू कालाणी सर्किल होते हुए श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और यात्रा का स्वागत किया। हरिनाम संकीर्तन और बैंड बने आकर्षण का केंद्र रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के दर्शन के साथ मृदंग-करताल पर हरिनाम संकीर्तन और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पांडे, डॉ. प्रदीप गहलोत, महंत दुर्गा लाल, दुर्गेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।