टोंक की रौनक पार्क कॉलोनी में बुधवार को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर अरनिया केदार का विधि विधान से भव्य शिलान्यास समारोह हुआ। गुरु मां आर्यिका विज्ञा श्री के सानिध्य और विद्वान पंडित मनोज शास्त्री के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। इस दौरान शोभायात्रा भी निकाली गई। प्रवक्ता राजेश अरिहंत ने बताया- शिलान्यास समारोह के तहत सुबह विशाल कलश यात्रा आदर्श नगर जैन मंदिर से रवाना हुई। इसमें पालकी में श्री जी को विराजमान कर श्रद्धालुओं द्वारा पालकी को अपने सिर पर रखकर रौनक पार्क कॉलोनी ले जाया गया। कलश यात्रा में महिलाए मंगल कलश सिर पर धारण किए हुए चल रही थी। पुरुष हाथों में पचरंगी ध्वज एवं केसरिया ध्वज थामे हुए चल रहे थे। भक्ति भाव के साथ नृत्य करते हुए कलश यात्रा विभिन्न मार्ग से होते हुए रौनक पार्क कॉलोनी पहुंची। वहां पर आर्यिका विज्ञा श्री के पावन सानिध्य में मंगल कलश के जल से भूमि शुद्धि एवं पूजन किया गया। उसके बाद भगवान का अभिषेक, वृहद शांतिधारा, नित्य नियम पूजा, वास्तु विधान पूजा कर अर्ध और श्रीफल समर्पित किए गए। बाद में धर्म सभा का आयोजन हुआ। इसमें आर्यिका गेभ्या श्री ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। आर्यिका विज्ञा श्री ने कहा- सहनशीलता का अर्थ केवल सहना नहीं
श्रद्धालुओं के द्वारा गुरु मां का चरण पक्षालन कर जिनवाणी भेंट की गई। मंगल प्रवचन में आर्यिका विज्ञा श्री ने कहा कि जीवन की अधिकांश चुनौतियां हमारी क्षमता से बड़ी नहीं होतीं, लेकिन हमारी अधीरता उन्हें बड़ा बना देती है। जब परिस्थितियां हमारे अनुसार नहीं चलतीं, लोग हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहार नहीं करते या परिणाम आने में समय लगता है, तब सहनशीलता की परीक्षा होती है। सहनशीलता का अर्थ केवल सहना नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति में अपनी शांति, स्थिरता और सकारात्मकता को बनाए रखना है। जो आत्मा सहनशील होती है, वह कठिनाइयों से घबराती नहीं, बल्कि उनकी गहराई को समझकर समाधान तक पहुंचती है। उसकी शीतलता हर तनाव को शांत कर देती है और उसकी स्थिरता हर चुनौती को सरल बना देती है। याद रखें, परिस्थितियों की कठोरता से अधिक शक्तिशाली हमारी सहनशीलता है। जब हम प्रतिक्रिया करने के बजाय धैर्य और समझ के साथ आगे बढ़ते हैं, तब वही कठिन कार्य सहज होने लगते हैं जो पहले असंभव लगते थे बांध डूब क्षेत्र में आने से किया था स्थानांतरित
अरनिया केदार के संजय जैन, मनोज शास्त्री, रतन लाल, महावीर प्रसाद जैन ने बताया कि अरनिया केदार गांव में स्थित 250 वर्ष प्राचीन मंदिर के ईसरदा बांध डूब में आ जाने के कारण इस मंदिर को स्थानांतरित करते हुए रौनक पार्क कॉलोनी टोंक में नवीन मंदिर बनाकर जिन प्रतिमाओं को यहां विराजमान किया जाएगा। इस मंदिर में मूल नायक भगवान पार्श्वनाथ होंगे। भगवान पार्श्वनाथ की यह प्रतिमा पाषाण की पांच फणी है इस प्रकार की प्रतिमा बहुत ही कम मंदिरों में देखने को मिलती है। कुल 11 प्रतिमा विराजमान होगी। यह मंदिर रौनक पार्क कॉलोनी टोंक में 40 फीट चौड़ा और 40 फिट लम्बा बनाया जाएगा। मंदिर निर्माण होने के बाद इन सभी जिन प्रतिमा को विधि विधान के साथ प्रतिष्ठित किया जाएगा।