टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद हरीश चंद्र मीना ने गुरुवार को लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र के टोंक जिला मुख्यालय को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दशकों पुरानी मांग फिर से उठाई। बजट सत्र के दौरान 'लोक महत्व के मुद्दे' पर बोलते हुए सांसद मीना ने सरकार का ध्यान 80 साल से लंबित इस मांग की ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि टोंक जिला आज भी देश के उन पिछड़े क्षेत्रों में शुमार है, जहां आजादी के बाद से अब तक रेलवे लाइन नहीं बिछ सकी है। ​सदन में भावुक होते हुए मीना बोले, "मैं उस अभागे जिले का प्रतिनिधित्व करता हूं, जहां के लोगों ने आज तक अपने शहर में रेल नहीं देखी। हमारे बच्चे शिक्षा के लिए, मरीज इलाज के लिए और किसान रेल सुविधा के लिए जयपुर या कोटा जाने को विवश हैं।" टोंक की जनता को न्याय का इंतजार उन्होंने सदन में सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' और 'सबका प्रयास' के नारों का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान और केंद्र, दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद टोंक की जनता न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने सरकार के वादों पर भरोसा किया है, अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस भरोसे को टूटने न दे। सांसद मीना ने टोंक जिला मुख्यालय को अजमेर से वाया नसीराबाद रेल लाइन के माध्यम से जोड़ने की मांग की है। रेल बिना कैसे होगा विकास संसद में मीना ने कहा कि बिना रेल कनेक्टिवटी के यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ सका है। यहां औद्योगिक और सामाजिक विकास को रफ्तार देने के लिए इस मांग को पूरा किया जाना चाहिए। ​अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने हाथ जोड़कर सदन और सरकार से टोंक को रेल मार्ग से जोड़कर जिले के गरीब और पिछड़े लोगों के साथ न्याय करने की मांग की। सांसद के पीए असलम ने बताया कि मीना ने पहले भी समय समय पर लोकसभा में ट्रेन कनेक्टिविटी की मांग की है।