टोंक जिला परिषद चुनाव से पहले वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस प्रत्याशी छोगालाल गुर्जर का नामांकन रद्द कर दिया गया है। उनके साथ 31 अन्य प्रत्याशियों के नामांकन भी निरस्त किए गए हैं। एडीएम विनोद मीणा के अनुसार, छोगालाल गुर्जर का नामांकन आपराधिक प्रकरण से जुड़े कारणों के चलते रद्द किया गया है। कुल 115 नामांकन पत्रों में से 32 निरस्त होने के बाद अब 83 प्रत्याशी चुनावी मैदान में रह गए हैं। पार्टी सिंबल नहीं मिलने से ज्यादातर नामांकन हुए रद्द एडीएम विनोद मीणा ने बताया - जिला परिषद के वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस प्रत्याशी छोगालाल गुर्जर समेत कुल 32 नामांकन विभिन्न कारणों से रद्द किए गए हैं। इनमें ज्यादातर नामांकन पार्टी सिंबल नहीं मिलने के कारण निरस्त हुए हैं। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। वार्ड-4 में भाजपा प्रत्याशी की निर्विरोध जीत की संभावना नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने यह कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, नामांकन के साथ जमा कराए गए एफिडेविट में आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी के आधार पर छोगालाल गुर्जर का नामांकन रद्द किया गया है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से बताई गई वजह के अलावा विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस वार्ड से भाजपा और कांग्रेस के केवल दो प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा प्रत्याशी रोडूलाल के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उनकी निर्विरोध जीत की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। छोगालाल गुर्जर ने कहा- मंत्री के इशारों पर कार्रवाई हुई नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता छोगालाल गुर्जर ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के इशारे पर एडीएम ने उनका नामांकन रद्द किया है। छोगालाल गुर्जर ने न्याय के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाने की बात कही है।