श्रीगंगानगर| शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों में सुगम यातायात और राहगीरों के आवागमन को व्यवस्थित करने के लिए नगरपरिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। नगरपरिषद प्रशासन ने मंगलवार को बाजार क्षेत्र में अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान दुकानों के बाहर फुटपाथ और सड़कों पर सजाए गए सामान को जब्त किया गया। संबंधित व्यापारियों को दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी गई। नगरपरिषद की प्रवर्तन टीम ने शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गोल बाजार, केदार चौक, गांधी चौक, अंबेडकर चौक से लेकर स्वामी दयानंद मार्ग तक अभियान चलाया। अभियान प्रभारी एईएन अमनदीप कौर का कहना है कि 4-5 दुकानदारों के चालान काटे गए। दुकानों के आगे रखा दो टेंपो सामान जब्त किया गया। अभियान की निगरानी के लिए सहायक अभियंता अमनदीप कौर, कनिष्ठ अभियंता शिवांगी बिश्नोई, स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप और वरिष्ठ सहायक अमित सिडाना सहित अधिकारियों व कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है। कार्रवाई के दौरान सफाई निरीक्षक उमेश वाल्मीकि, अनिल धारीवाल व सफाई दल मौके पर मौजूद रहा। इनसाइड: बार-बार समझाइश का असर नहीं हुआ तो सामान किया जब्त: नगरपरिषद ने गोल बाजार सहित मुख्य मार्गों पर दुकानदारों से कई बार अपील की कि वे शह रहित में सामान सड़क सीमा में न रखें। इसके लिए सभापति, आयुक्त सहित टीम ने एक सप्ताह समझाइश के लिए अभियान भी चलाया। दो-तीन दिन जुर्माना लगाया गया। जुर्माना राशि महज 1000 रुपए होने की वजह से दुकानदारों ने परिषद की समझाइश को हल्के में ले लिया। इसी वजह से टीम को बाजार क्षेत्र में सामान जब्ती के लिए भेजा गया। यह निर्णय लिए गए: .येलो मार्किंग व्यवस्था: बाजार क्षेत्र में सभी दुकानों के बाहर स्पष्ट ‘येलो लाइन' (पीली पट्टी) चिन्हित की जाएगी। .दायरे में रखना होगा सामान: सभी व्यापारियों को अपना सामान इसी निर्धारित पीली सीमा के भीतर रखना होगा। .सख्त कानूनी कार्रवाई: यदि कोई दुकानदार निर्धारित सीमा से बाहर सड़क या बरामदे में सामान रखेगा तो उसका सामान जब्त किया जाएगा। चालान की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। दुकानदारों द्वारा सड़कों और बरामदों पर सामान फैलाकर रखने के कारण इन मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती थी। इससे खरीदारी के लिए आने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। टीम ने अचानक दबिश देकर सड़कों पर रखे होर्डिंग, बोर्ड, स्टैंड और बिक्री के लिए रखे सामान को नगरपरिषद के वाहनों में जब्त कर लिया। इस औचक कार्रवाई से बाजार क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। परिषद की टीम को देखकर दुकानदार सड़क सीमा में रखे सामान को उठाकर दुकान में रखने लगे। इस दौरान परिषद टीम ने दुकानदारों को समझाइश भी की। बताया गया कि सड़क तक कब्जा करने से यातायात बाधित होता है। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। बाजार आने वाले खरीदारों को भी दिक्कत होती है। नगरपरिषद के सभापति अजय दावड़ा एवं आयुक्त मिल्ख राज चुघ ने बताया कि सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। शहर के व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों से अपील की गई है कि वे सड़कों और सार्वजनिक रास्तों पर सामान रखकर राहगीरों के लिए अवरोध उत्पन्न न करें। उन्होंने कहा कि बाजारों को स्वच्छ, सुंदर और जाम मुक्त रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। नगरपरिषद का यह अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा।