भास्कर न्यूज | बारां जानलेवा हमला, मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज दो महिलाएं सोमवार दोपहर शहर की पुरानी सिविल लाइन स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाओं ने पुलिस पर दबंगों को संरक्षण देने और लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। करीब तीन घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद एएसपी के आश्वासन पर महिलाएं नीचे उतरीं। पीड़ित पक्ष के मूंडला निवासी दुर्गाशंकर ने बताया कि गांव के ही धन्नालाल, कन्हैयालाल, गिरिराज और प्रमोद गुर्जर आदि उनके परिवार से किसी बात को लेकर रंजिश रखते है। आरोप है कि ये लोग आए दिन उनके परिवार के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने की कोशिश करते हैं। कई बार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। जिससे आरोपियों के हौंसले बढ़ गए हैं। दुर्गाशंकर ने बताया कि 7 मई को उसकी पत्नी शीलाबाई के साथ घर के बाहर गिरिराज गुर्जर और उसके साथियों ने गाली-गलौज व मारपीट की। जिसमें शीला के सिर पर गंभीर चोट आई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज पुलिस को भी सौंपने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। बुजुर्ग महिला से मारपीट, कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ मुकदमा दूसरी पीड़ित महिला ने बताया कि गांव के यही आरोपी आए दिन उसके साथ झगड़ा और मारपीट करते हैं। 22 फरवरी को आरोपी उसके घर पहुंचे और जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता ने पहले एसपी कार्यालय में परिवाद दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ, फिर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें आरोपियों से लगातार जान का खतरा बना हुआ है। सीसवाली थाने से लौटते समय रास्ते में किया था जानलेवा हमला पीड़ित ने बताया कि जब वे सीसवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में प्रमोद गुर्जर और उसके साथियों ने उन्हें रोक लिया और जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में भी उन्हें गंभीर चोटें आईं। मामले में अलग से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, लेकिन अब तक पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। जबकि आरोपी खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं और दोबारा हमला करने की धमकी दे रहे हैं। दोनों महिलाएं सोमवार सुबह करीब सवा 12 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन महिलाएं आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं। बाद में पीड़ित दुर्गाशंकर और उसके परिजनों को एसपी कार्यालय बुलाया जहां एएसपी राजेश चौधरी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। इसके बाद महिलाएं दोपहर करीब 3 बजे टंकी से नीचे उतर गईं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे परिवार सहित धरना और अनशन करेंगी।