उदयपुर शहर की अंदरूनी सड़कों पर रोज-रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर और मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने आदेश जारी कर उदयपुर शहर के 11 मुख्य रास्तों पर दिन के समय भारी वाहनों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस नए नियम के तहत सुबह 7 बजे से लेकर रात 10 बजे तक शहर में किसी भी तरह के भारी वाहन की एंट्री नहीं हो सकेगी। कलेक्टर का यह आदेश 28 अक्टूबर से ही लागू हो गया है। एक महीने तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले का सीधा असर 10 हजार किलोग्राम यानी 10 टन से ज्यादा वजन वाले सभी ट्रक, डम्पर, ट्रेलर और भारी मालवाहक गाड़ियों पर पड़ेगा। अब ये गाड़ियां दिन में शहर के अंदर नहीं आ सकेंगी। वहीं आम लोगों, स्कूल बसों, मरीजों और शहर घूमने आने वाले पर्यटकों को इससे बड़ी आसानी होगी और उन्हें घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। बडे़ बाजार, अस्पतालों के कारण लगता जाम जिला प्रशासन को यह फैसला इसलिए लेना पड़ा, क्योंकि शहर के अंदरूनी रास्ते काफी व्यस्त रहते हैं। इन मुख्य सड़कों के दोनों तरफ घनी आबादी वाली कॉलोनियां, बड़े अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और बड़े बाजार हैं। दिन के समय इन रास्तों पर अचानक बड़े ट्रक, डंपर और ट्रेलर आने से हर वक्त लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था। साथ ही, भीड़भाड़ के बीच इन बड़ी गाड़ियों की वजह से हमेशा गंभीर सड़क हादसों का डर भी बना रहता था। पर्यटन सीजन में आते हैं हजारों सैलानी उदयपुर में अब पर्यटन सीजन भी शुरू होने जा रहा है। इसमें देश-दुनिया से बड़ी संख्या में सैलानी यहां घूमने आएंगे। ऐसे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोटर वाहन अधिनियम 1988 और राजस्थान मोटर यान नियम 1990 के तहत यह पाबंदी लगाई गई है। कलेक्टर के आदेश के बाद शहर के जिन 11 मुख्य रास्तों पर नो-एंट्री का पहरा रहेगा। सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक बंद रहेंगी ये गाड़ियां प्रशासन ने कहा- सुबह 7 बजे से रात 10 बजे के बीच इन सभी 11 रास्तों पर ट्रक, ट्रेलर और भारी मालवाहक गाड़ियां बिल्कुल नहीं चलेंगी। हालांकि अगर कोई बहुत जरूरी काम या इमरजेंसी जैसी स्थिति बनती है, तो वाहन मालिकों को जिला कलेक्टर कार्यालय से पहले से इजाजत लेनी होगी। बिना अनुमति के कोई भी भारी वाहन इन सड़कों पर नहीं आ सकेगा। बाहर से आने वाले ट्रक ड्राइवरों को इस नए नियम की जानकारी आसानी से मिल सके। इसके लिए भी इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) को निर्देश दिए हैं कि वे इन सभी 11 तय जगहों पर तुरंत बड़े और साफ दिखने वाले ट्रैफिक साइन बोर्ड लगाएं, ताकि वाहन ड्राइवर पहले ही सतर्क हो जाएं। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।