उदयपुर में बन रही शहर की पहली ऐलिवेटेड रोड का काम 25 फीसदी पूरा हो चुका है। तय समय ​को देखा जाए तो ये काम करीब 4 महीने देरी से चल रहा है। काम में देरी के पीछे नगर निगम के मेले के दौरान काम बंद रहना और फाउंडेशन में बदलाव होना भी है। एलिवेटेड रोड का काम पूरा करने की डेडलाइन दिसंबर 2026 है। इस कंपनी ने ऐलिवेटेड रोड के लिए 54 पिलर्स खड़े कर दिए गए है। 32 आड़े बीम तैयार कर लगाए है। 7 स्पेन छत भी डाल दी है। दूसरे फेज के काम के अप्रैल के लास्ट वीक में पूरा होने की उम्मीद है। निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया​ कि इससे पहले फेज-1 में 10 फीसदी काम पुरा हुआ था, जिसमें सिटी स्टेशन के बाहर से कुछ पिलर्स, नटराज होटल के पहले से उदियापोल तक पिलर्स खड़े कर दिए गए। अब उदियापोल चौराहे से होटल पारस तक की खुदाई के बाद पिलर्स खड़े होंगे। इससे आगे सूरजपोल चौराहे पर भी शिफ्टिंग के बाद नटराज गली के पिलर्स के काम होंगे। देहलीगेट चौराहे से पहले कलेक्ट्रेट से कोर्ट चौराहे तक के काम पूरे होंगे। सिटी स्टेशन से कोर्ट चौराहा के पास तक बनने वाले एलिवेटेड रोड के काम में कई अड़चनें आई और अभी काम की स्पीड धीमी है। कुछ दिनों पहले ही उदियापोल चौराहे पर 40 पेड़ हटाने का काम हुआ था। पेड़ हटने के बाद अब जल्द चौराहे पर खुदाई होगी और उसके बाद पिलर्स खड़े किए जाएंगे। उदयपुर के सिटी रेलवे स्टेशन रोड से बंशी पान (कलेक्टर बंगला) तक 2.7 किमी एलिवेटेड रोड बनाने का काम चल रहा है।​ दीपावली-दशहरा मेले के कारण टाउन हॉल रोड पर करीब 20 दिन ज्यादा वक्त का काम रोका गया था। काम पूरा करने की डेडलाइन दिसंबर-2026 प्रोजेक्ट का उद्घाटन दिसंबर, 2024 को हुआ था। 28 दिसंबर से सॉल्टेस्टिंग (मिट्टी की जांच) शुरू हुई। एलिवेटेड रोड का काम पूरा करने की डेडलाइन दिसंबर 2026 है। अब तक केवल 25 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। अब तक 16 महीने का समय बीत चुका है। जबकि इस काम को अब तक 35 से 40 फीसदी होना था। उदियापोल चौराहा के आस-पास की जमीन के नीचे नदी पेटा आने के कारण मिट्टी ज्यादा होने से चट्टानें 15-20 मीटर नीचे हैं। चौराहे से पहले तक पिलर 3 मीटर गहराई में थे। अब ये ज्यादा गहराई में जाएंगे। फाउंडेशन के ढांचे की डिजाइन में भी बदलाव हुआ है। सिटी स्टेशन से कोर्ट चौराहा के आगे तक एलिवेटेड रोड के पूरे मार्ग में 17-17 फीट के 100 पिलर खड़े किए जाएंगे, इंजीनियर बताते है कि पिलर की संख्या 100 से करीब 102 के बीच हो सकती है। एलिवेटेड रोड पर करीब 136.89 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें उदयपुर नगर निगम निगम 47.91 करोड़ रुपए, उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) 61.60 करोड़ रुपए और 27.38 करोड़ रुपए राज्य सरकार की ओर से खर्च किए जाएंगे। जानिए टू-लेन एलिवेटेड रोड के बारे में उदयपुर शहर के सिटी रेलवे स्टेशन से कोर्ट चौराहा स्थित कलेक्टर बंगले के आगे बंशी पान तक करीब 2.7 किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनेगा। निर्माण के लिए नगर निगम उदयपुर ने 179.14 करोड़ की निविदा निकाली थी। डीपीआर में अनुमानित लागत 208 करोड़ रुपए आंकी गई थी। टेंडर में 12 एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सबसे कम दर वाली एजेंसी ट्रांसरेल लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड इसे 136.89 करोड़ में बनाने को तैयार हुई। 2 साल में एलिवेटेड रोड बनानी होगी। यह रहेगा एलिवेटेड का रूट सिटी स्टेशन से आगे एलिवेटेड रोड पर चढ़ना होगा। इसके बाद इसका रूट उदयापोल, सूरजपोल, टाउनहॉल रोड, देहलीगेट, कलेक्ट्री रोड, कोर्ट चौराहा, कलेक्टर बंगला होगा और आगे बंशीपान के वहां नीचे उतरेगी।