उदयपुर में पिछले चुनावों में अब तक भाजपा का दबदबा रहा है। पिछले 30 साल में नगर निगम में 6 बार भाजपा का मुखिया बना। खास बात ये है कि इन सालों में हर बार जीतने वाले पार्षदों की संख्या भाजपा की ज्यादा रही। इस बार मेयर का पद अनारक्षित ओपन के लिए रिजर्व है, ऐसे में बड़ी संख्या में कई बड़े चेहरे पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में 80 वार्ड में पार्षद चुनने के लिए मतदान कल होगा। चुनाव मैदान में 220 कैंडिडेट्स है। इनमें भाजपा और कांग्रेस के 160 उम्मीदवार है और बचे अन्य उम्मीदवारों में बाप, माकपा और निर्दलीय प्रत्याशी है। 80 में से 39 वार्डों में सीधे बीजेपी-कांग्रेस की टक्कर है। मेयर पद के लिए चुनाव 21 सितंबर को चुनाव के रिजल्ट 14 सितंबर को आएंगे। मेयर पद के लिए चुनाव 21 सितंबर व डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव 22 सितंबर को होगा। उदयपुर में मेयर पद अनारक्षित के लिए रिजर्व है। चुनाव का रिजल्ट बहुत हद तक इस बार युवा वोटर तय करेंगे। नगर निगम में 35% वोटर 35 साल से कम हैं। इन पर भाजपा-कांग्रेस दोनों की नजर है। भाजपा में इनकी प्रतिष्ठा दांव पर… डॉ. मन्नालाल रावत (भाजपा) - उदयपुर से सांसद, नगर निगम में अब तक छह बार भाजपा का बोर्ड, इस बार भी कायम रखने का दबाव। गजपाल सिंह राठौड़ (भाजपा) - शहर भाजपा के जिलाध्यक्ष, भाजपा के दबदबा वाले शहर में फिर बोर्ड बनाना, उसी के अनुरूप टिकट बांटे और अब फिर बोर्ड बनाने का दबाव फूलसिंह मीणा (भाजपा) - उदयपुर ग्रामीण से विधायक, टिकट बंटवारे में खास भूमिका, ग्रामीण विस में ज्यादा कैंडिडेट्स जिताने का दबाव। ताराचंद जैन (भाजपा) - उदयपुर शहर से विधायक, टिकट बंटवारे में महत्वपूर्ण भूमिका, शहरी विधानसभा में कैंडिडेट्स जिताने का दबाव।
कांग्रेस में इनकी प्रतिष्ठा दांव पर… फतहसिंह राठौड़ (कांग्रेस) - शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष, टिकट बंटवारे में बड़ी भूमिका, ज्यादा कैंडिडेट्स जीता कर पहली बार कांग्रेस का बोर्ड बनाने का दबाव रघुवीर सिंह मीणा (कांग्रेस) - उदयपुर देहात कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सांसद, नगर निगम में देहात क्षेत्र के 36 वार्ड आते है, टिकट बंटवारे में अहम भूमिका रही। नगर निगम चुनाव उदयपुर की खास प्वाइंट … नगर निगम चुनाव में उतरे उम्मीदवारों में शैक्षणिक योग्यता की बात की जाए तो 44 उम्मीदवार हायर एजुकेटेड हैं। इनमें पीएचडी धारी से लेकर सीए तक चुनावी मैदान में हैं। (पूरी खबर पढ़े…) उदयपुर नगर निगम में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा उतारे गए 160 उम्मीदवारों के शपथ पत्र के अनुसार चुनावी मैदान में 93 प्रतिशत से ज्यादा यानी 149 उम्मीदवार पूरी तरह साफ-सुथरी छवि के साथ जनता के बीच हैं, लेकिन 11 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिनके दामन पर कानूनी मुकदमों के दाग लगे हुए हैं। कांग्रेस के 7 उम्मीदवारों और भाजपा से 4 प्रत्याशी ही कानूनी मामलों और पुलिस रिकॉर्ड में उलझे हुए हैं। (पूरी खबर पढ़ें…) उदयपुर नगर निगम में कांग्रेस ने वार्ड नंबर 34 से चाय का ठेला लगाने की पत्नी को मौका उतारा है। वहीं एक परिवार की देवरानी-जेठानी के टिकट मांगने पर देवरानी को मौका दिया। इसके अलावा एक पूर्व पार्षद के पति, मौजूदा मंडल अध्यक्ष और एक जगह मंडल अध्यक्ष की पत्नी मैदान में है। (पूरी खबर पढ़ें…) भाजपा के उम्मीदवारों की सूची में बड़े चेहरों में वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर, पारस सिंघवी, दिनेश भट्ट और अतुल चंडालिया को मैदान में उतारा हैं। भाजपा ने कई नए चेहरे भी मैदान में उतार है। (पूरी खबर पढ़ें…) उदयपुर नगर निगम चुनाव में BJP और कांग्रेस ने Gen-Z को भी चुनावी मैदान में उतारकर युवा चेहरों पर भरोसा जताया है। दोनों पार्टियों से कुल 8 जेन-ज़ी प्रत्याशी पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें…) उदयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार छात्रसंघ राजनीति में अपनी पहचान बना चुके चेहरे भी मैदान हैं। इनमें कुछ मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। कुछ ने कॉमर्स कॉलेज, बीएन कॉलेज और अन्य कॉलेजों की छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाई। (पूरी खबर पढ़ें…) उदयपुर में पार्षद का चुनाव लड़ रहे BJP और कांग्रेस के करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या काफी ज्यादा है। दोनों दलों के कुल 38 प्रत्याशी करोड़पति हैं। इनमें सबसे ज्यादा अमीर भाजपा उम्मीदवार आकाश वागरेचा हैं। कुल 38 करोड़पति उम्मीदवारों में से भाजपा के 26 और कांग्रेस के 12 उम्मीदवार है। (पूरी खबर पढ़ें…) जानिए उदयपुर नगर निगम में आपका वार्ड किस इलाके में (पूरी खबर पढ़ें…)
पढ़िए, उदयपुर नगर निगम उम्मीदवारों की पूरी डिटेल...