उदयपुर में स्मार्ट माइनिंग को लेकर कल कई विशेषज्ञों(एक्सपर्ट्स) का जुटान होगा। आयोजन में खनन की आधुनिक तकनीकों, सुरक्षित खनन और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ माइनिंग क्षेत्र में तकनीकी बदलावों और सुरक्षित कार्यप्रणाली पर अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। दरअसल, भारतीय खनन दिवस पर माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई), उदयपुर चैप्टर की ओर से 1 नवंबर को राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी एवं पैनल परिचर्चा आयोजित की जाएगी। स्मार्ट माइनिंग : रिसोर्स टू रेजिलिएंस विषय पर होने वाले इस आयोजन में देशभर के खनन विशेषज्ञ, सरकारी विभागों के अधिकारी, कंपनियों के प्रतिनिधि और शिक्षाविद् शामिल होंगे। MEAI उदयपुर चैप्टर के सचिव डॉ. हितांशु कौशल ने बताया कि संगोष्ठी में आधुनिक खनन तकनीक, डिजिटलीकरण, खनिज अन्वेषण, संसाधनों के बेहतर उपयोग, सुरक्षित उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। मार्बल, ग्रेनाइट, सीमेंट उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन चीरवा घाटा स्थित लाभगढ़ रिसॉर्ट में होने वाली इस मीट में खान एवं भूविज्ञान विभाग, भारतीय खान ब्यूरो, खान सुरक्षा महानिदेशालय और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। परिचर्चा में मार्बल, ग्रेनाइट, सीमेंट उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी चुनौतियों पर भी मंथन होगा। दो विद्यार्थियों को मिलेंगी 36 हजार की छात्रवृत्तियां एमईएआई के कोषाध्यक्ष आर.सी. पुरोहित ने बताया कि सीटीएई कॉलेज के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। अंतिम वर्ष में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले हर्ष मालवीय को 21 हजार और तृतीय वर्ष में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली सौम्यांशी नागदा को 15 हजार रुपए दिए जाएंगे। 72 विद्यार्थियों ने लिया प्रतियोगिता में भाग भारतीय खनन दिवस के तहत 25 अक्टूबर को आयोजित तकनीकी लेख एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में पांच शैक्षणिक संस्थानों के 72 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें सीटीएई, सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग, पेसिफिक विश्वविद्यालय और संगम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शामिल थे। प्रतियोगिता के विजेताओं को 3100, 2100 और 1100 रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा 4 विद्यार्थियों को 500-500 रुपए के सांत्वना पुरस्कार मिलेंगे। एमईएआई उदयपुर चैप्टर के उपाध्यक्ष आसिफ एम. अंसारी ने बताया कि वर्ष 1998 में स्थापित उदयपुर चैप्टर खनन क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। चैप्टर को पिछले 10 सालों में 5 बार सर्वश्रेष्ठ चैप्टर का पुरस्कार मिल चुका है। चैप्टर अध्यक्ष महेश माथुर, अनुपम भटनागर, डी.डी. श्रीपथ और वाई.सी. गुप्ता आदि पदाधिकारी आयोजन की तैयारियों में लगे है।