बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा-हमारे यहां सीएम भी संगठन से बड़ा नहीं होता है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने कहा- हमारा संगठन एक प्रक्रिया से चलता है। मंत्रिमंडल विस्तार में सीएम का विशेषाधिकार होता है, वो ही तय करेंगे कि कौनसे मंत्री सही हैं और कौनसे गलत। लेकिन अंतिम अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष का होगा। राधामोहन दास अग्रवाल ने ये बातें मंगलवार को प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा- मैंने यह कभी नहीं कहा कि मंत्रिमंडल सीएम तय करेंगे। मैंने कहा था कि जब सीएम महसूस करेंगे कि मंत्रिमंडल विस्तार की आवश्यकता है, परिवर्तन चाहिए तो वह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करके उन नामों पर चर्चा करेंगे। कहा- सीएम सारे निर्णय नहीं लेते राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा- आप लोग हमेशा पूछते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा, लेकिन अगर हम संतुष्ट होंगे तो किसी को क्यों बदलेंगे, क्यों विस्तार करेंगे। यह निर्णय सीएम को लेने दीजिए कि वे अपने मंत्रियों से संतुष्ट हैं या नहीं। वे अपने मंत्रियों का लगातार मूल्यांकन कर रहे होंगे। जब समय आएगा तो वे राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहेंगे। अग्रवाल ने कहा- हमारे यहां अचानक मुख्यमंत्री सारे निर्णय नहीं लेता है। जब महसूस करेंगे तो राष्ट्रीय अध्यक्ष से उन नामों पर चर्चा करेंगे। बंदूक हमारी ओर, निशाना कोई और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इंतजार शास्त्र पर पलटवार करते हुए प्रदेश प्रभारी अग्रवाल ने कहा- वे अपने दूसरे नेता के समकक्ष अपने आप को बड़ा नेता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनको ऐसा करने दीजिए। डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा- यह उनकी आंतरिक लड़ाई है। किसी के कंधे पर रखकर तो मारेंगे, इसलिए हमारे कंधे पर रखकर मार लेते हैं। उनकी लड़ाई में हम लोग क्यों पड़ें। उनकी बंदूक चलती हमारी ओर होगी, लेकिन निशाना कोई और होता है। वे हमारे ऊपर आक्रमण करते हैं तो वास्तव में आक्रमण अपने संगठन के अंदर किसी और के ऊपर करते हैं। बोले- कांग्रेस सरकार ने अपने ही डिप्टी सीएम को दायित्व मुक्त किया राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा- उनकी सरकार थी तो क्या था, उनके तत्कालीन उपमुख्यमंत्री ही बेचारे उनकी सरकार का बट्टा बैठाने में लगे रहते थे। अंत में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अपने ही तत्कालीन उपमुख्यमंत्री पर क्या-क्या टिप्पणियां कर दी और उन्हें उनके दायित्व से मुक्त कर दिया। उनका अपना एक अनुभव है। द्वेष, गतिरोध, प्रतिशोध, बदला, हमारे यहां यह सब नहीं चलता है।