चंडीगढ़ से अजमेर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस अलवर रेलवे जंक्शन पर करीब 37 मिनट तक खड़ी रही। वजह बनी ट्रेन में सवार 25 वर्षीय महिला यात्री मीनाक्षी, जिसे रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पार करने के बाद अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। ट्रेन स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना जयपुर रेलवे अधिकारियों और अलवर स्टेशन को दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। ट्रेन जैसे ही रात 8:34 बजे अलवर पहुंची, RPF के जवान मौके पर पहुंचे। इस दौरान महिला की हालत ठीक नहीं थी और उसने साफ कहा कि वह तभी ट्रेन से उतरेगी जब कोई महिला कर्मचारी आएगी। हैरानी की बात यह रही कि स्टेशन पर पहले से सूचना होने के बावजूद CMI शिवदयाल की ओर से कोई महिला स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया और टीसी अरविंद चौधरी ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। क्योंकी वंदे भारत के अलवर पहुंचने से पहले दोनों कर्मचारियों को सूचना दे दी गई थी,क्योंकि दोनों ही ड्यूटी पर थे। स्थिति बिगड़ती देख आखिरकार ड्यूटी खत्म कर घर जा चुकी गेटमैन नैनी को बुलाया गया। उसके बाद महिला को ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उसने छुट्टी ली और जयपुर के लिए रवाना हो गई। इस लापरवाही के चलते वंदे भारत एक्सप्रेस 37 मिनट देरी से रवाना हुई। जो अजमेर भी 41 मिनट देरी से पहुंची। देरी की जानकारी मिलते ही जयपुर हेड ऑफिस से अलवर स्टेशन पर जवाब-तलब हुआ। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर CMI शिवदयाल और टीसी अरविंद चौधरी को मौखिक रूप से सस्पेंड कर दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि टीसी अरविंद चौधरी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में था। उसने न तो मरीज की स्थिति पर ध्यान दिया और न ही किसी तरह की मदद की व्यवस्था की। बाद में रेलवे पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर गई, जहां उसका मेडिकल कराया गया। मौके पर मौजूद RPF सब इंस्पेक्टर नूर मोहम्मद ने बताया की टीसी शराब के नशे में हैं जिसे मेडिकल करवाने हॉस्पिटल लाया गया हैं,इस दौरान हॉस्पिटल में स्टेशन सुपरिटेंडेंट सीताराम वर्मा भी मौके पर मौजूद थे। जब भास्कर रिपोर्टर इस पूरे मामले की वीडियो बना रहा था, तब CMI ने मोबाइल पकड़ने की कोशिश की और वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की। यहां तक कि SS सीताराम वर्मा खुद जांच करवाने लाए टीसी को बचाते नजर आए उन्होंने टीसी को पेशेंट बताकर मामले को हल्का दिखाने की कोशिश की, जबकि असली मरीज महिला यात्री थी जिसे ट्रेन से उतारकर अस्पताल लाया गया था। जिस पूरे मामले की वीडियों भी रिकॉर्ड कर ली गई। हालांकि इस में CMI शिवदयाल का कहना हैं की गाड़ी रूकने के कुछ देर बाद ही एम्बुलेंस मौके पर आ गई थी ,मेरे द्वारा टीसी को पहले ही व्यवस्था के लिए सूचना दे दी गई थी,अभी जयपुर हेड ऑफिस की तरफ से केवन मौखिक रूप से सस्पेंड किया हैं,अभी लेटर नहीं आया हैं।