भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर लॉरेंस और रोहित गोदारा की गैंग इन दिनों भारी आर्थिक तंगी से जूझ रही है। वजह- जिले में फिरौती वसूली का धंधा मंदे की चपेट में आ गया है। इसका कारण जिला पुलिस है। बीते 4 माह में जिले में फिरौती मांगने और फायरिंग की एक भी वारदात सामने नहीं आई है। क्योंकि 1 जनवरी से 17 अप्रैल के बीच 39 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल में पहुंचाया है। इनमें से 9 आरोपी तो गैंग के शूटर ही हैं। इनके पास से 29 पिस्टल, जिनमें 8 ग्लॉक यानी विदेशी हथियार तथा 668 कारतूस बरामद किए हैं। इतना ही नहीं 18 अतिरिक्त मैग्जीन भी पकड़ी गई हैं। सबसे बड़ी बात पकड़े गए 388 कारतूस तो एके 47 हथियार के हैं। यह पकड़े गए हथियार केवल 11 कार्रवाइयों के दौरान के हैं। इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और आरोपी पकड़कर पुलिस ने लॉरेंस और रोहित गोदारा गैंग की कमर तोड़कर रख दी है। फिरौतियां वसूल नहीं कर पाने के कारण दोनों गैंग के सदस्य आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जिन शूटरों को पुलिस ने पकड़ा है, उन्होंने खुलासा किया कि उनको पेमेंट वारदात के बाद मिलनी थी। ^ आमजन की सुरक्षा करना पुलिस का प्राथमिक काम है। अगर किसी यहां की शांति को भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ शख्त एक्शन लिया जाएगा। लोगों से आग्रह है कि वे पुलिस पर भरोसा करें। कोई फोन करके धमकी दे या फिरौती मांगे तो इसकी सूचना बिना देरी किए हमें दें। हम सुरक्षा देंगे और प्रभारी कार्रवाई करेंगे। - हरी शंकर, एसपी,श्रीगंगानगर रायसिंहनगर| अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक संदिग्ध पैकेट में विदेशी पिस्टल और मैगजीन मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। समेजा कोठी थाना क्षेत्र के 41-42 पीएस की रोही में यह पैकेट उस समय मिला जब एक किसान गेहूं की कटाई कर रहा था। पीले रंग का संदिग्ध पैकेट देखकर किसान ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत पुलिस और बीएसएफ को सूचना दी। सूचना पर बीएसएफ, सीआईडी और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच में आशंका जताई जा रही है कि पैकेट को सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराया गया हो सकता है। इस इनपुट के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है। बरामदगी के बाद एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी : पैकेट की तलाशी लेने पर उसमें से एक विदेशी ग्लॉक पिस्टल और एक मैगजीन बरामद हुई है। बरामदगी के बाद एजेंसियां यह पता लगाने में जुट गई हैं कि यह हथियार किसके लिए भेजा गया था और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है। गत कुछ समय से सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए अवैध गतिविधियों की आशंकाएं लगातार सामने आ रही हैं, ऐसे में यह बरामदगी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस मामले में किसान की भूमिका अहम रही। समय रहते सूचना देने से एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली और संभावित खतरे को टाला जा सका। समेजा कोठी थाना अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस ने संदिग्ध पैकेट को कब्जे में लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हरी प्रसाद शर्मा, सेवानिवृत्त आईजी 1. पुलिस ने एक जनवरी से 17 अप्रैल तक 110 दिन ताबड़तोड़ कार्रवाई में 39 आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से 29 पिस्टल, 668 कारतूस और 18 एक्सट्रा मैगजीन जब्त कीं। इनकी चेन के ही कई आरोपी रडार पर हैं। पकड़े गए हथियारों की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपए के करीब है। 2. पुलिस ने गैंग को हथियार सप्लाई, शेल्टर और टारगेट सेट करने में मदद करने वाले विशाल पचार को टारगेट किया। इसके संपर्क में चल रहे 243 लोगों के यहां 12 जनवरी को छान मारा और 26 गिरफ्तार किए। दूसरी बार 23 फरवरी को 290 जगह छापा मारकर 64 को गिरफ्तार किया। मदद करने वालों की चेन ब्रेक कर दी। 3. लॉरेंस के सक्रिय सदस्य आरजू बिश्नोई के भेजे आगरा के शूटर अकाश निगम का 27 मार्च को और संजीव बिश्नोई का 15 अप्रैल की रात को एनकाउंटर किया। दोनों शूटरों को शहर में टारगेट पर फायरिंग कर फिरौती वसूली के लिए भेजा गया था। संजीव बिश्नोई से गैंग के बारे में ज्यादा जानकारियां मिलने की उम्मीद है। गैंगस्टर्स के लिए श्रीगंगानगर सॉफ्ट टारगेट, इंटरनेशनल और स्टेट बॉर्डर भी कारण : मेरे हिसाब से श्रीगंगानगर को टारगेट करने के तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, यह जिला राज्य में सबसे विकसित और पैसे वाला माना जाता है। इसलिए गैंगस्टर्स फिरौती के लिए यहां लोगों को टारगेट करते हैं। दूसरा, इंटरनेशनल बॉर्डर से बाहर से हथियारों की सप्लाई और लोकल स्पोर्टिंग चेन इनको मदद करती है। तीसरा, यह जिला पंजाब राज्य सीमा के साथ लगता है। पंजाब के गैंगस्टर्स का यहां असर आता ही है। क्योंकि यह जिला मिनी पंजाब ही समझा जाता है। एक जैसा कल्चर, रिश्तेदारियां आसान रोड कनेक्टिविटी भी कारण हो सकती है।