प्रदेश में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की निगरानी अब डिजिटल तकनीक से होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नवंबर से ‘यू-मेंटर’ एप के जरिए टीकाकरण सत्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग शुरू करने की तैयारी में है। इससे गांव से शहर तक टीकाकरण सत्रों में वैक्सीन, सिरिंज, सुरक्षित कोल्ड चेन और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता का पता चल सकेगा। टीकाकर्मियों की ओर से अपलोड किए गए डेटा के आधार पर अधिकारी सत्रों की स्थिति देख सकेंगे। राज्य और जिला स्तर के साथ राष्ट्रीय मुख्यालय के अधिकारी भी एप से निगरानी कर सकेंगे। एप से टीकाकर्मियों को मौके पर ही मार्गदर्शन देने की सुविधा भी मिलेगी। अब तक टीकाकरण सत्रों की निगरानी के लिए अधिकारियों को स्थानीय स्तर से मिलने वाली रिपोर्ट और सूचनाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। नई व्यवस्था में डिजिटल डेटा के आधार पर कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी। नेशनल से पंचायत स्तर तक होगी निगरानी यू-मेंटर एप स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की डिजिटल पहल है, जिसे आईआईटी मुंबई ने विकसित किया है। इसके जरिए राष्ट्रीय और राज्य मुख्यालय से लेकर जिला और पंचायत स्तर तक टीकाकरण की रियल टाइम और केंद्रीकृत निगरानी हो सकेगी। जिलों के आरसीएचओ और जिला आशा समन्वयकों को एप का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि टीकाकरण सत्रों की निगरानी आसान हो सके। जियो-लोकेशन से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक: ग्रामीण इलाकों में निगरानी के अभाव या लॉजिस्टिक्स की कमी के कारण टीकाकरण में खामियां रह जाती हैं। एएनएम और टीकाकरण दल के सत्र स्थल की सटीक जियो-लोकेशन से उनकी उपस्थिति सुनिश्चित होगी। डॉ. रघुराज सिंह, परियोजना निदेशक, इम्यूनाइजेशन