वर्ल्ड बैंक ने नगर निगम कोटा को ठोस कचरा प्रबंधन और क्षेत्र आधारित विकास में सहयोग की पेशकश की है। इसके लिए वर्ल्ड बैंक ने निगम से दोनों ही क्षेत्रों में प्रस्ताव बनाकर साझा करने का आग्रह किया है। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि वर्ल्ड बैंक ने राजस्थान में चार जिले जयपुर, जोधपुर, भरतपुर और कोटा का चिन्हित किया है। इन चारों जिलों में वर्ल्ड बैंक ठोस कचरा प्रबंधन और क्षेत्र आधारित विकास में सहयोग करना चाहता है। इसके लिए सोमवार को वर्ल्ड बैंक की पांच सदस्यीय टीम ने निगम के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस दौरान टीम ने कोटा में किए उनके सर्वे के आधार पर अपनी प्रेजेंटेशन दी और बताया कि किस तरह ठोस कचरा प्रबंधन और क्षेत्र आधारित विकास में वर्ल्ड बैंक नगर निगम कोटा की सहायता कर सकता है। मेहरा ने बताया कि यह टीम मंगलवार को नान्ता स्थित ट्रेंचिंग ग्राउण्ड, हेरिटेज रूट, आभेड़ा महल आदि क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद निगम की टीम दोनों ही क्षेत्रों में कामों की आवश्यकता और संभावनाओं को चिन्हित करते हुए वर्ल्ड बैंक को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद राज्य सरकार से विचार-विमर्श के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। निगम ने डीसीएम क्षेत्र में हटाए अतिक्रमण नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सोमवार को डीसीएम क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान अतिक्रमण हटाने के साथ ही अतिक्रमियों पर 17 हजार 400 रुपए का चालान भी किया गया। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि डीसीएम चौराहे से इंद्रा गांधी नगर रोड पर अतिक्रमण की लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी। 25 लोगों पर 17 हजार 400 रुपए का चालान किया नागरिकों का कहना था कि शाम के समय तो अतिक्रमियों के कारण आवागमन ही कठिन हो जाता है। नागरिकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से निगम के दस्ते को भेजा गया। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने अस्थाई अतिक्रमणों को हटाने के साथ ही सड़क पर अतिक्रमण कर रखे गए दुकान के सामान को भी दुकान के अंदर रखवाया। इसके अलावा 25 लोगों पर 17 हजार 400 रुपए का चालान भी किया गया।