भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा जीजीटीयू में बीएड और इंटीग्रेटेड बीएड कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक हुई। कुलगुरु केशव सिंह ठाकुर ने कहा कि परीक्षाओं का निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय आयोजन विश्वविद्यालय की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निरीक्षण में मिलने वाली कमियों को तुरंत दूर करने पर भी जोर दिया। कुलगुरु ने कहा कि जिन कॉलेजों में फैकल्टी अनुमोदन लंबित है, वे इसे शीघ्र पूरा करें। अनुमोदित फैकल्टी का विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे आगे चलकर 12-बी और नैक ग्रेडिंग से जुड़े लाभ में मदद मिल सकती है। सेमेस्टर पद्धति के तहत समयबद्ध कार्य निष्पादन पर भी निर्देश दिए गए। परीक्षा फॉर्म सहित सभी प्रक्रियाएं अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर पूरी करने को कहा गया। परीक्षा नियंत्रक प्रमोद कुमार वैष्णव ने बताया कि इंटीग्रेटेड बीएड चतुर्थ वर्ष (कला और विज्ञान संकाय) की लिखित परीक्षाएं 6 से 14 मई तक होंगी। शेष बीएड पाठ्यक्रम की परीक्षाएं 15 मई से 10 जून तक होंगी। इंटीग्रेटेड बीएड चतुर्थ वर्ष का फाइनल लेसन और वायवा, तृतीय वर्ष के ड्यू पेपर का वायवा व प्रैक्टिकल, और बीएड द्विवर्षीय पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के ड्यू प्रैक्टिकल व वायवा 4 और 5 मई को होंगे। बीएड द्वितीय वर्ष के वायवा 12 मई को कराए जाएंगे। बैठक में सहायक कुलसचिव (परीक्षा) लोकेन्द्र कुमार और उप कुलसचिव राजेश जोशी भी मौजूद रहे। बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के 47 महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने परीक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा की।