प्रदेश में टैक्स चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के फर्जीवाड़े पर वाणिज्यिक कर विभाग ने जयपुर, बाड़मेर और किशनगढ़ के चार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। जांच में करीब 1.40 करोड़ रुपए की अनियमितताएं सामने आईं। सख्ती के बाद संबंधित कारोबारियों ने 1.16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा और रिवर्स करवाई। महारानी ट्रैवल्स, जयपुर : जनता कॉलोनी स्थित फर्म के रिकॉर्ड, रिटर्न और बही-खातों की जांच में 96.93 लाख रुपए के आईटीसी में गड़बड़ी मिली। फर्म ने पूरी राशि रिवर्स करते हुए 96.93 लाख रु. सरकारी खाते में जमा करवाए। हाशमी ओवरसीज एलएलपी, जयपुर : ट्रकों की आपूर्ति, टैक्स-मुक्त सेवाओं के गलत वर्गीकरण से जुड़ी विसंगतियां मिलीं। 21.98 लाख रु. की संभावित देनदारी बनी। फर्म ने 6.44 लाख रुपए जमा कराए। श्री यमुना महारानी ग्रेनाइट्स, किशनगढ़ : ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फर्म के सर्वे में 2 साल के दौरान आईटीसी में 19.08 लाख रुपए का अंतर मिला। व्यापारी ने 11.25 लाख रुपए जमा कराए। लूदार कंस्ट्रक्शन कंपनी, बाड़मेर : फर्म द्वारा ऐसे डीलर से आईटीसी क्लेम करने का मामला सामने आया, जिसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द था। गड़बड़ी सामने आने पर फर्म ने 2.55 लाख रु. जमा कराए।