हरियाणा के पंचकूला स्थित ऑर्मी कमांड अस्पताल (पश्चिमी कमान) चंडी मंदिर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। यहां भर्ती कराई गई राजपूत रेजिमेंट के सेना नायक की 30 वर्षीय पत्नी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। करीब तीन और एक साल के छोटे बच्चों की मां के अचानक दुनिया से चले जाने के बाद परिवार गहरे में सदमे में आ गया। मगर, सैनिक पति और पैरा स्पेशल फोर्स से सेवानिवृत्त ससुर ने महिला के अंग दान करने का फैसला लिया। इसके बाद वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत अंगों (लीवर, हार्ट, किडनी और कॉर्निया) का आवंटन किया गया। मंगलवार रात से बुधवार सुबह चली प्रक्रिया के बाद सभी अंगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल्ली, नोएडा और रोहतक पीजीआई भेजा गया। परिवार के इस फैसले पर कमांडेंट हरकीरत सिंह ने कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बल परिवार का असली चेहरा है। अपने सबसे कठिन समय में एक युवा सैनिक ने छह अन्य परिवारों के बारे में सोचा। महिला की सर्जरी से लेकर ऑर्गन डोनेट तक की PHOTOS कौन है संजू गुर्जर, जिसके अंगों को पति-पिता ने दान किया… बच्चों को गर्व होगा, मां 6 लोगों में जीवित: कमांडेंट कमांड अस्पताल के कमांडेंट हरकीरत सिंह ने कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बल परिवार का असली चेहरा है। अपने सबसे कठिन समय में एक युवा राजपूत सैनिक ने छह अन्य परिवारों के बारे में सोचा। पैरा स्पेशल फोर्स के योद्धा की बेटी और सैनिक की पत्नी ने मृत्यु में भी वही शौर्य दिखाया है, जो उनके परिवार ने जीवन में दिखाया। परिवार ने निजी दुःख को भुलाकर 6 लोगों को नया जीवन देने का अनुकरणीय निर्णय लिया। उनके दोनों छोटे बच्चे बड़े होकर जानेंगे कि उनकी मां अमर हैं और 6 अन्य लोगों में जीवित हैं। पुलिस ने ग्रीन डोर बनाकर ऐसे संभाली व्यवस्था डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार, कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से एक किडनी को पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाया जाना था, जिसके लिए चंडीमंदिर से पंचकूला के रास्ते रोहतक तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं, हार्ट को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक दूसरा ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया, ताकि फोर्टिस अस्पताल की हार्ट रिट्रीवल टीम समय पर पहुंच सके। इसमें पंचकूला पुलिस द्वारा चंडीमंदिर से पुराना पंचकूला के रास्ते जीरकपुर बॉर्डर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अंगदान की प्रक्रिया में समय का विशेष महत्व होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने एसएचओ ट्रैफिक वरिंदर कुमार की अगुवाई में रुट पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया। पुलिस टीमों ने मार्ग पर विशेष निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि एंबुलेंस को कहीं भी अनावश्यक रुकावट का सामना न करना पड़े। चूंकि दोनों रूट अलग-अलग जिलों से होकर गुजरते हैं, इसलिए संबंधित जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई। क्या है ब्रेन डेड, दूर करें भ्रम सोटो के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि आमजन में सबसे बड़ा भ्रम ब्रेन डेड को लेकर है। लोग इसे कोमा समझ लेते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि ब्रेन डेड मृत्यु की कानूनी और चिकित्सकीय रूप से पुष्टि है। इसमें ब्रेन स्टेम डेथ होती है। वेंटिलेटर पर सिर्फ दिल कुछ घंटे या दिन धड़कता है, क्योंकि उसे मशीन से ऑक्सीजन मिल रही है। मशीन हटाते ही दिल की धड़कन रुक जाती है। ऐसे में अंगदान ही एकमात्र विकल्प है। एक डोनर बचा सकता 8 जीवन रोहतक हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि एक ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगदान से करीब 8 लोगों की जान बचाई जा सकती है। देश में हर साल करीब 5 लाख लोग अंगों के इंतजार में दम तोड़ देते हैं। हर 10 मिनट में इस सूची में एक नया नाम जुड़ जाता है। पीजीआई रोहतक से तीन बार अंगदान की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में भर्ती सैन्य अधिकारी की पत्नी और पानीपत के रहने वाले 16 वर्षीय हर्ष के अंगदान किए गए थे। ----------------------- अंगदान से जुड़ीं ये खबर भी पढ़ें… रोहतक PGI से पहली बार ऑर्गन एयरलिफ्ट:एक्सीडेंट में लड़के का ब्रेनडेड हुआ, परिवार ने अंग दान किए; किडनी आर्मी जवान की पत्नी को लगेगी रोहतक PGI में 16 वर्षीय लड़के के ऑर्गन डोनेट किए गए। युवक का सड़क हादसे में ब्रेन डेड हो गया था। रविवार को उसकी एक किडनी पंचकूला स्थित चंडी आर्मी अस्पताल भेजी गई। यह पहली बार है जब रोहतक PGI से किसी ऑर्गन को एयरलिफ्ट किया गया। (पूरी खबर पढ़ें) ब्रेन डेड युवक के हार्ट-लिवर लेकर निकली सेना:रोहतक से दिल्ली और चंडीगढ़ तक ग्रीन कॉरिडोर; 3 दिन पहले गड्ढे के कारण हुआ एक्सीडेंट हरियाणा में भिवानी के ब्रेन डेड घोषित किए गए 28 साल के युवक विशाल के अंग दान की प्रक्रिया शनिवार सुबह पूरी की गई। विशाल सिंचाई विभाग में जॉब करता था। रोहतक पीजीआई से शनिवार अलसुबह उसका हार्ट और लिवर लेकर सेना की टीमें रवाना की गईं। (पूरी खबर पढ़ें)