अलवर नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर भाजपा ने ‘नगरीय विकास संकल्प-पत्र’ जारी किया है। इसमें 7 लाख घरों तक PNG कनेक्शन पहुंचाने का वादा किया गया है। इसके साथ ही शहरों में 15 लाख नई स्ट्रीट लाइट लगाने और 1 लाख आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। संकल्प पत्र में शहरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। संकल्प पत्र में शहरी आमजन के लिए आवासीय भूखंड, घरेलू PNG कनेक्शन, पिंक टॉयलेट, स्ट्रीट लाइट, वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र और स्ट्रीट वेंडर्स, ई-रिक्शा व टैक्सी चालकों के बीमा जैसी योजनाओं का संकल्प लिया गया है। भाजपा ने अगले 5 वर्षों में अलग-अलग आय वर्ग के लिए एक लाख आवासीय प्लॉट, 7 लाख से ज्यादा घरों में PNG कनेक्शन और शहरों में 15 लाख स्ट्रीट लाइट लगाने की बात कही है। साथ ही हर निकाय में वेंडिंग जोन, पार्किंग स्थल, फूड कोर्ट और एलईडी लाइट की व्यवस्था करने का वादा किया गया है। संकल्प-पत्र में 100 प्रतिशत पुराने कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, कचरा वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, अगले पांच वर्षों में 3 हजार किलोमीटर पुरानी सीवर लाइनों की मरम्मत/परिवर्धन, रोबोटिक सीवर सफाई, सीसीटीवी कैमरे, प्रमुख मार्गों का विकास, ऑनलाइन अनुमति-लाइसेंस प्रक्रिया और एक सप्ताह में भवन नक्शों के निस्तारण जैसी गारंटी दी गई है। इसके अलावा पर्यावरण के लिए ट्रैक और ओपन जिम, इनडोर स्टेडियम, नगर वन-वाटिका, स्मृति वन, रिंग रोड और वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था का भी संकल्प है। स्थानीय निकायों के लिए भी बड़े वादे भाजपा ने स्थानीय स्तर पर वार्ड-वार विकास को आधार बनाने, प्रभावित निकायों में पेयजल सुधार और 24 घंटे घरेलू बिजली, सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में सड़क, सीवर, सफाई, कचरा निस्तारण, रोड-लाइट और बिजली व्यवस्था विकसित करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ई-बसों से सार्वजनिक परिवहन, प्रमुख सड़कों को ट्रैफिक लाइट फ्री बनाने, प्रदूषण नियंत्रण, सीवर व्यवस्था, जलभराव की समस्या का समाधान, रात्रिकालीन सफाई, बाजारों का विकास, मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी यूनिट, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का विस्तार और हेरिटेज स्थलों के संरक्षण की बात भी कही गई है। निकाय चुनाव भाजपा के लिए अंतिम लक्ष्य नहीं भाजपा राजस्थान प्रदेश प्रभारी डॉ. राधा मोहन अग्रवाल ने अलवर में ये संकल्प पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि संगठन, कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनाव के बाद संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव भाजपा के लिए अंतिम लक्ष्य नहीं हैं। पार्टी चुनाव को केवल एक पड़ाव मानती है, जबकि संगठन का वास्तविक काम पूरे 365 दिन जनता के बीच रहकर करना है। निकाय चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी डॉ. अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय निकायों से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न बोर्डों, नगरपालिकाओं और अन्य मनोनयनों को लेकर पहले से प्रक्रिया रोकी गई थी। इसका उद्देश्य यह था कि प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ उचित न्याय किया जा सके। उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव के बाद संगठन और सरकार के स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दिए जाने को लेकर आगे निर्णय हो सकता है। मंत्रिमंडल में बदलाव करना मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार राज्य मंत्रिमंडल में चुनाव के बाद संभावित फेरबदल को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. राधा मोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में बदलाव करना मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है। मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री की सिफारिश और संगठन के स्तर पर विचार-विमर्श के आधार पर आगे निर्णय लिया जाता है।