अलवर में रक्षाबंधन के त्योहार पर जहां घरों में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं। वहीं अलवर केंद्रीय जेल में भी बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। बहनों ने भाइयों के तिलक लगाया, चावल लगाए, आरती उतारी और राखी बांधकर मुंह मीठा कराया। कुछ बहनें मुलाकात के बाद रोते हुए जेल परिसर से बाहर निकलीं, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने समझाकर दिलासा दिया। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र और अच्छे भविष्य की कामना की। रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। जेल के मुख्य गेट पर अतिरिक्त गार्ड तैनात रहे। अंदर महिला पुलिसकर्मियों समेत जवानों की ड्यूटी लगाई गई। बहनों द्वारा लाए गए सामान की जांच की गई। मेटल डिटेक्टर से भी चेकिंग की गई। रजिस्टर में एंट्री के बाद ही बहनों को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। रोडवेज बस स्टैंड पर भी उमड़ी महिलाओं की भीड़ रक्षाबंधन के मौके पर राजस्थान सरकार की ओर से महिलाओं और बालिकाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके चलते अलवर केंद्रीय बस स्टैंड पर सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ नजर आई। यह सुविधा 27 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे से 29 अगस्त की रात 12 बजे तक रहेगी। निशुल्क यात्रा राजस्थान रोडवेज की साधारण और एक्सप्रेस बसों में राजस्थान की सीमा तक लागू है। अलवर आगार के अधिकारी नरेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि रोडवेज मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार 28 और 29 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। अधिक यात्री भार को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की गई है।