अलवर शहर के कोर्ट परिसर में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पत्नी से तलाक की कानूनी सलाह लेने पहुंचे युवक और उसकी महिला मित्र पर ससुराल पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि दोनों को घसीटकर बाहर खड़ी कार में जबरन डालकर ले जाने का प्रयास किया गया। शोर सुनकर आसपास मौजूद अधिवक्ता मौके पर पहुंचे और दोनों को छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने वकीलों के साथ भी मारपीट की और पथराव कर दिया। पथराव में अधिवक्ता हितेश मोखरी की आंख पर गंभीर चोट आई, जबकि अधिवक्ता पंकज सांवरिया का मोबाइल छीनकर फेंक दिया गया। वकीलों ने तीन आरोपियों को पकड़ा हंगामे के दौरान अधिवक्ताओं ने हिम्मत दिखाते हुए तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अखैपुरा थाना इंचार्ज संजय शर्मा के अनुसार पुलिस ने मौके से सुरेंद्र, अंकित और कृष्णकुमार निवासी रसवाड़ा, साड़ा, नौगांवा को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से लिखित रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। तलाक की अर्जी लगाने आया था युवक पीड़ित सोनू वर्मा पुत्र जोरमल वर्मा निवासी भजीट ने बताया कि वह अपनी महिला मित्र माही निवासी देहरादून के साथ अधिवक्ता कृष्ण कुमार शर्मा के पास पत्नी से तलाक की अर्जी और कानूनी सलाह लेने आया था। इसी दौरान ससुर राकेश कुमार, सास कविता, पत्नी मधु, चाचा ससुर मनोज व कृष्ण, मामा ससुर लच्छी राम, ताऊ ससुर और पप्पू सहित अन्य लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि आते ही गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी और दोनों को वकील की सीट से घसीटकर बाहर खड़ी ब्रेजा कार में डालने का प्रयास किया। देहरादून से महिला मित्र के साथ आया था अलवर जानकारी के अनुसार सोनू शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता है। वह पिछले कुछ महीनों से देहरादून में काम कर रहा था। शुक्रवार को वह माही के साथ देहरादून से अलवर आया था और होटल में ठहरा था। बताया गया कि सोनू ने फोन कर परिजनों और ससुराल पक्ष को कचहरी में तलाक की अर्जी दाखिल करने की जानकारी दी थी। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग कचहरी पहुंचे। वहां सोनू को दूसरी महिला के साथ देखने के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।