अलवर शहर में शुक्रवार को जन्माष्टमी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं और शाम से भजन संध्या सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। श्रद्धालु उपवास रखकर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होंगे। शहर में यादव सभा की ओर से कृष्ण की 11 झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी, वहीं कंपनी बाग में दही हांडी प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहेगी। 17 टीमें लेंगी दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा महाराणा प्रताप समिति की ओर से कंपनी बाग में शाम 6:15 बजे 10वीं दही हांडी प्रतियोगिता और भजन संध्या आयोजित की जाएगी। समिति अध्यक्ष प्रेम सिंह राजावत ने बताया कि प्रतियोगिता में 17 टीमों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पहले चरण में 18 फीट और दूसरे चरण में 20 फीट ऊंची दही हांडी फोड़ी जाएगी। विजेता टीम को 71 हजार, उपविजेता को 51 हजार और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 31 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। रात 9:15 बजे महाआरती होगी और आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। गिर्राज दर्शन मंदिर में भजन संध्या दाउदपुर स्थित गिर्राज दर्शन मंदिर को रंगीन रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। मंदिर में शाम 7:30 बजे से भजन संध्या होगी। इसमें वृंदावन से आए उमाकान्त महाराज, पप्पू शर्मा और नरेश मेहंदीरत्ता भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। महावर गोविंददेव मंदिर, पुराना कटला स्थित राधाकृष्ण मंदिर, अट्टा मंदिर सहित शहर के अन्य मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। वैंकटेश बालाजी दिव्यधाम में रात 12 बजे आरती वैंकटेश बालाजी दिव्यधाम में शाम 7 से 8 बजे तक विष्णु सहस्त्रनाम पारायण होगा। रात 9 से 11 बजे तक भजन-कीर्तन और प्रवचन होंगे। रात 11 बजे भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक और श्रृंगार किया जाएगा। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म के अवसर पर आरती होगी। शनिवार दोपहर 1 बजे नंदोत्सव, भजन-कीर्तन, बधाई गायन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।