बांसवाड़ा SDM कार्यालय में गुरुवार दोपहर स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन वापसी के अंतिम दिन BAP प्रत्याशी और पदाधिकारियों में नोक-झोंक हो गई। शहर के वार्ड 10 से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के प्रत्याशी विवेक अधिकारी नामांकन वापस लेने SDM कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान वहां पार्टी जिलाध्यक्ष प्रभुलाल बुझ और अन्य पदाधिकारी वहां पहुंच गए और विवेक अधिकारी को नाम वापस लेने से रोक दिया। इस दौरान उनमें तीखी बहस हुई। ​फोन नहीं उठने पर हुआ शक बीएपी जिलाध्यक्ष प्रभुलाल बुझ ने बताया- सुबह से ही मैं और अन्य पदाधिकारी विवेक अधिकारी को फोन लगा रहे थे, लेकिन उनका फोन 'नॉट रिचेबल' आ रहा था। विवेक अधिकारी जान-बूझकर पार्टी नेतृत्व के संपर्क में नहीं थे। ऐसे में उनके नाम वापस लेने को लेकर शक हुआ। प्रभुलाल बुझ ने आरोप लगाया कि विवेक अधिकारी भाजपा नेताओं के इशारे पर नामांकन वापस लेने आए थे। वे प्रलोभन में आ गए। उन्हें समझाया तो नामांकन वापस नहीं लिया। कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा, तीखी बहस जैसे ही विवेक अधिकारी SDM कार्यालय के अंदर नामांकन फॉर्म वापस लेने आगे बढ़े, बाहर मौजूद जिलाध्यक्ष बुझ और अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान कार्यालय के बाहर दोनों पक्षों के बीच कुछ देर के लिए तीखी बहस और तनातनी का माहौल बन गया। बढ़ते विवाद को देख मौके पर मुस्तैद पुलिस जवानों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को कार्यालय परिसर से बाहर भेजकर मामले को शांत कराया।