बाड़मेर नगर परिषद के वार्ड संख्या 43 के RLP प्रत्याशी के नाम वापसी को लेकर बीजेपी और आरएलपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। नाम वापस लेने आए प्रत्याशी को RLP-बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। इसके बाद दोनों तरफ से खींचा जाने लगा, धक्का-मुक्की हुई। पूरा घटनाक्रम रिटर्निग ऑफिसर और बाड़मेर एसडीएम ऑफिस के अंदर का है। करीब 5 मिनट की खींचतान के बाद बीजेपी के पदाधिकारी प्रत्याशी को अंदर ले गए। नामांकन वापस दिलवा दिया। आरएलपी ने आरोप लगाया कि हमारे प्रत्याशी को किडनैप कर लिया। फिर जबरदस्ती नाम वापस करवाया। वहीं बीजेपी का कहना है कि प्रत्याशी खुद नाम वापस लेना चाहता था। लेकिन आरएलपी उनको बंधक बनाया हुआ था और जोर जबरदस्ती कर रहे थे। प्रत्याशी का कहना है कि मैं अपनी मर्जी से नामांकन वापिस लेने के लिए आया हूं। प्रत्याशी को खींचने लगे दरअसल, गुरुवार को नाम वापसी के अंतिम दिन निर्दलीय प्रत्याशियों ने कांग्रेस और बीजेपी के समर्थन में नामांकन वापस लिए। नामांकन वापसी की समयसीमा पूरी होने से करीब आधा घंटे पहले वार्ड संख्या 43 में आरएलपी से नामांकन किए धर्माराम नाम वापिस लेने RO ऑफिस (बाड़मेर एसडीएम ऑफिस) पहुंचा। गेट पर बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह धर्माराम अंदर ले जाने लेंगे। तभी आरएलपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी को पकड़ लिया और रोकने लगे। आरएलपी कार्यकर्ता जोगाराम ने प्रत्याशी को गले से पकड़ लिया। बीजेपी के कार्यकर्ता अंदर ले गए इसके बाद बीजेपी और आरएलपी पदाधिकारी आपस में खींचतान करने लगे। दोनों के बीच कुछ मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। वहां पर खड़ी पुलिस ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस को धक्का लगा। करीब 5 मिनट के खींचतान के बाद आरएलपी प्रत्याशी को बीजेपी ऑफिस के अंदर लेकर गई। वहां पर आरएलपी से वार्ड संख्या 43 में भरा अपना नामांकन वापस ले लिया। आरएलपी का आरोप- अगवा कर करके लाए आरएलपी कार्यकर्ता जालाराम पालीवाल का कहना है कि आरएलपी प्रत्याशी के पीछे बीजेपी के नेता घूम रहे थे, रुपए का प्रलोभन दिया। पालीवाल ने दावा किया कि कार्यालय के आगे से बीजेपी के सैकड़ों लोगों ने जबरदस्ती धर्माराम का अपहरण किया। यहां पर रिटर्निग ऑफिस लेकर आए तो हमारे कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा पर आरोप लगाया कि हमारे कार्यकर्ता की गले की माला को तोड़ दिया। गाड़ी में ले जाने का प्रयास किया बीजेपी का पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा ने बताया- प्रत्याशी अपनी इच्छा से अपनी इच्छा नामांकन वापस लेने के लिए पहुंचता है। आरएलपी के लोग जबरदस्ती अपहरण करने का प्रयास करते हैं। गाड़ियों से उठाकर ले जाने का प्रयास करते हैं। फॉर्म भरना और उठाना वो अपनी मर्जी से करता है। किसी के दबाव में नहीं कर सकता है। प्रत्याशी ने अपनी इच्छा से नामांकन वापस लिया है। बीजेपी से भाईसाहब को टिकट मिला, परिवार ही खिलाफ हो गया था धर्माराम प्रजापत ने कहा- मैंने आरएलपी से नामांकन दाखिल किया था। बीजेपी की तरफ से हमारे भाई साहब को टिकट मिल गई थी। हमारे परिवार ने बोला कि हम आपके साथ नहीं है अकेले कैसे लड़ोगे। परिवार और जनता साथ में नहीं होगी तो लड़ने से कोई मतलब नहीं है। मेरे परिवार के लोगों ने मुझे समझाया कि मौके आगे मिल जाएंगे। मैंने बीजेपी को अपना समर्थन दे दिया। मुझे किसी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं करना है।