बाड़मेर जिले में कल शहरी सरकार के लिए वोटिंग होगी। जिले में पहले चरण के तहत बाड़मेर नगर परिषद में 9 सितंबर को मतदान होगा। इन निकायों में मतदाता सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक अपने वार्ड के प्रत्याशी के लिए वोट डाल सकेंगे। जिले के 1 नगर पालिका में 11 सितंबर को मतदान होगा। सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। बाड़मेर जिले के नगर परिषद में 63 हजार वोटर है। जो 179 प्रत्याशियों की किस्मत तय करेंगे। निकाय चुनाव के कुछ रोचक आंकड़े सामने आए हैं- पढ़िए निकाय चुनाव से जुड़े रोचक फैक्ट्स और समीकरण एक के छत के नीचे रहने वाले पति-पत्नी का बूथ बदला तनसिंह सर्किल निवासी कमल किशोर पुत्र भगवानदान का नाम वार्ड मतदाता सूची के क्रमांक 834 पद दर्ज है। वहीं, उनकी पत्नी नेहा का नाम हटाकर वार्ड संख्या 52 की सूची में जोड़ दिया। वार्ड संख्या 52 निवासी जागृति कुमारी की शादी फलसूंड में हुई। बाड़मेर के नाम हटवाने का आवेदन किया। फलसूंड के वार्ड संख्या 4 की मतदाता सूची क्रमांक 300 में नाम जुड़ भी गया। दोनों जगह नाम है। इसी तरह माता-पिता का नाम ट्रांसफर, बेटे का नीहं, राहुल पुत्र रमेश कुमार ने बताया कि उनका पुराना घर वार्ड संख्या 3 में था। उसे बेचकर उन्होंने वार्ड संख्या 1 में नया मकान बना लिया। नाम स्थानांतरण का आवेदन देने के उनके पिता रमेश कुमार का वार्ड संख्या 1 की मतदाता सूची के क्रमांक 746 में जोड़ दिया गया। विधायक के वार्ड 16 में मुकाबला बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के गृह वार्ड 16 में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने पूर्व पार्षद उषा के पिता किशोर कुमार को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पदमाराम को मैदान में उतारा है। इससे पहले इनके परिवार से चुनाव हार चुके हैं। वहीं RLP से सुआ देवी और निर्दलीय शिवरतन भी चुनाव मैदान में हैं। वार्ड में टूटी सड़कें, पेयजल की किल्लत और सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। वार्ड 34 में पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष की साख वार्ड 34 को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष पृथ्वीराज चांडक का प्रभाव वाला वार्ड माना जाता है। महिला सीट होने के कारण चांडक ने अपनी पत्नी अर्चना चांडक को भाजपा से प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने उर्मिला को टिकट दिया है। इस वार्ड में अब तक केवल एक बार कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीता है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन के सामने 2 सीटें निकालने की चुनौती पूर्व विधायक मेवाराम जैन का वोट वार्ड 54 में है, जबकि उनका निवास वार्ड 2 में है। ऐसे में इन दोनों वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों को जिताना उनके लिए चुनौती है। वार्ड 54 में कांग्रेस ने युवा प्रत्याशी जिज्ञासा जैन को मैदान में उतारा है। भाजपा ने पूर्व पार्षद निर्मला को दोबारा मौका दिया है। वहीं निर्दलीय सायर कंवर और बहीदा रहमान भी चुनाव मैदान में हैं। वार्ड 48 में माली और पालीवाल की साख दांव पर वार्ड 48 में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पूर्व यूथ कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष और PCC सदस्य ठाकराराम माली के साथ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और वार्ड प्रभारी दिलीप पालीवाल की साख भी दांव पर है। माली ने अपने चचेरे भाई पारस परमार को कांग्रेस से टिकट दिलाया है, जबकि भाजपा ने खीमराज जांगिड़ को प्रत्याशी बनाया है। निर्दलीय मूलाराम चौधरी भी मैदान में हैं। 68 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग, इसमें 20 अति संवेदनशील उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि बाड़मेर नगर परिषद क्षेत्र में 68 मतदान केंद्रों में से 32 संवेदनशील एवं 20 अति संवेदनशील मतदान केंद्र घोषित किए गए है। इन मतदान केंद्रों पर निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान करवाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात करने के साथ समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए गए है। पढ़े निकाय चुनाव से जुड़ी खबरें… बाड़मेर में विधायक-पूर्व MLA की साख दांव पर:अपने गढ़ में पार्टी प्रत्याशी जिताने की चुनौती; पूर्व जिलाध्यक्ष पर 2 वार्डों की जिम्मेदारी बीजेपी से 47, कांग्रेस से 45 उम्मीदवार पहली बार लड़ेंगे:कईयों को बदलना पड़ा वार्ड; बेटी की जगह पिता लड़ रहे चुनाव बाड़मेर में भाजपा-कांग्रेस के 21 बागी मैदान में:वार्ड 15 में रिश्तेदारी का धर्मसंकट; पूर्व उपसभापति और 4 बार के पार्षद की टक्कर बाड़मेर में BJP-कांग्रेस के 17 करोड़पति प्रत्याशी:14 वार्डों में सीधी टक्कर, 15 में निर्दलीय और 6 में RLP से त्रिकोणीय मुकाबला