राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर के निर्देश पर मंगलवार को जिले के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान के तहत इन शिविरों का मुख्य विषय 'अजनबियों से सावधान-मना करो, दूर जाओ, बताओ' रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश सोनल पारीख ने खरवा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल और बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को किसी भी अपरिचित व्यक्ति के बहकावे, प्रलोभन या दबाव में न आने की सलाह दी। पारीख ने विद्यार्थियों को ऐसी स्थिति में स्पष्ट रूप से 'मना' करने, तुरंत वहां से 'दूर' जाने और तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को 'बताने' का संदेश दिया। इसी क्रम में अपर जिला न्यायाधीश संख्या-1 विकास सिंह चौधरी ने आदर्श विद्या मंदिर ब्यावर में, अपर जिला न्यायाधीश संख्या-2 गिरिजा भारद्वाज ने चिमन सिंह लोढ़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय में और अपर जिला न्यायाधीश संख्या-3 विजय प्रकाश सोनी ने सेंट जेवियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिविर आयोजित किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिता शर्मा ने जीडीए स्कूल में, अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 प्रवीण चौहान ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाखरीयावास में तथा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 पंकज सांखला ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा में विद्यार्थियों को विधिक जानकारी दी। न्यायिक मजिस्ट्रेटों राघवेन्द्र दाधीच, लक्ष्या वाधवा, सुषमा जाखड़, अमन तेंगुरिया और हर्षित शर्मा ने भी ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर लगाए। इन शिविरों में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सुरक्षा एवं सीमाओं, असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान करने, सहायता प्राप्त करने और घटना की रिपोर्टिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को यह भी सलाह दी गई कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी अजनबियों से साझा न करें और सोशल मीडिया व ऑनलाइन माध्यमों पर अनजान लोगों से सतर्क रहें। इसके अतिरिक्त बाल अधिकार, बाल संरक्षण, पोक्सो अधिनियम-2012, बाल दुर्व्यवहार से बचाव और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए बच्चों से निरंतर संवाद बनाए रखने और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनने पर विशेष जोर दिया। शिविरों में विद्यार्थियों को आपात स्थिति में सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा हेल्पलाइन 15100, महिला हेल्पलाइन 181 तथा पुलिस सहायता नंबर 100 एवं 112 की जानकारी भी प्रदान की गई।