भरतपुर में नगर निगम चुनाव के टिकट फाइनल होने के बाद शहर में प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई ऐसे वार्ड हैं, जहां विधायक के करीबी माने जाने वाले प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। इन वार्डों में बीजेपी ने अपने प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारे हैं। वहीं, जहां बीजेपी ने प्रत्याशी उतारे हैं, वहां कांग्रेस ने वार्ड खाली छोड़ दिए हैं। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम में किस पार्टी का मेयर बनता है। विधायक के करीबी के सामने BJP ने नहीं उतारा प्रत्याशी वार्ड नंबर 2 से बीजेपी ने किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने यहां से मुरवारा गांव निवासी रवि को टिकट दिया है। रवि मुरवारा गांव के पूर्व सरपंच रह चुके हैं। मुरवारा गांव को अब नगर निगम में शामिल कर लिया गया है। रवि को भरतपुर विधायक का करीबी माना जाता है। चर्चा है कि इसी वजह से बीजेपी ने उनके सामने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। सांसद का विरोध करने वाले को कांग्रेस का टिकट बीजेपी ने वार्ड नंबर 3 से भी किसी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा है। कांग्रेस ने यहां से एनएसयूआई के अध्यक्ष हरजीत सिंह सांखला को टिकट दिया है। हरजीत सिंह सांसद का विरोध करने के लिए भी चर्चा में रहे हैं। हरजीत सिंह के सामने पूर्व पार्षद विजय सिंह भारतीय निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। वहीं, विजय सिंह भारतीय की बहू सीमा कुमारी को वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी ने वार्ड नंबर 9 में भी अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। माना जाता है कि विजय सिंह भारतीय भरतपुर विधायक के करीबी हैं। पूर्व मेयर की पत्नी के सामने कांग्रेस का प्रत्याशी नहीं वार्ड नंबर 17 से कांग्रेस ने किसी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है। वहीं, बीजेपी ने यहां से पूर्व पार्षद विमलेश कुमारी को टिकट दिया है। विमलेश कुमारी के सामने पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगी। विचित्रा सिंह को मेयर पद का दावेदार भी माना जा रहा है। पूर्व डिप्टी मेयर की पत्नी को बीजेपी का टिकट वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस ने मीनू डागुर को मैदान में उतारा है। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के पूर्व डिप्टी मेयर गिरीश चौधरी की पत्नी मीना कुमारी को टिकट दिया है। मीना कुमारी को भी मेयर पद के दावेदारों में माना जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक ही प्रत्याशी को दिया टिकट वार्ड नंबर 19 से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने एक ही उम्मीदवार मनोज सिंह को टिकट दे दिया। दोनों पार्टियों की सूची में नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने मनोज सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया। मनोज सिंह इससे पहले कांग्रेस के पार्षद रह चुके हैं। अब वह बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस ने पुराने कार्यकर्ता का टिकट काटकर दूसरे को दिया वार्ड नंबर 24 से बीजेपी ने नरेंद्र सिंह को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने रेनू गौरावर को मैदान में उतारा है। इस वार्ड से कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता और पूर्व पार्षद दाऊदयाल शर्मा भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काटकर रेनू गौरावर को प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता की साख दांव पर वार्ड नंबर 25 से बीजेपी ने प्रदेश प्रवक्ता शैलेश कौशिक की पत्नी कल्पना कौशिक को मैदान में उतारा है। उनके सामने कांग्रेस की ओर से सीमा शुक्ला चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले संजय शुक्ला ने नगर निगम चुनाव में शैलेश कौशिक को मात दी थी। ऐसे में इस बार बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता शैलेश कौशिक की साख भी दांव पर लगी है। संजय शुक्ला और उनकी भाभी को कांग्रेस का टिकट वार्ड नंबर 26 से कांग्रेस ने संजय शुक्ला को ही मैदान में उतारा है। साल 2019 के निकाय चुनाव में कांग्रेस ने वार्ड नंबर 24 को खाली छोड़ दिया था। इसके बाद संजय शुक्ला ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। उन्होंने 15 अन्य पार्षदों को भी चुनाव जिताया और बाद में सभी को कांग्रेस में शामिल करवा दिया था। अब संजय शुक्ला के सामने बीजेपी से कृष्ण मुरारी चुनाव लड़ रहे हैं। CM के वार्ड से महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष मैदान में वार्ड नंबर 41 से कांग्रेस ने महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष बबीता शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, बीजेपी ने पूर्व निर्दलीय पार्षद दीपक मुद्गल की पत्नी योगेश्वरी मुद्गल पर दांव खेला है। इस वार्ड पर कांग्रेस का विशेष ध्यान है, क्योंकि वार्ड नंबर 41 में ही मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का घर भी आता है। पुराने कार्यकर्ताओं की जगह Gen-Z को टिकट वार्ड नंबर 56 से बीजेपी ने 24 साल के युवा रजत सिंह को टिकट दिया है। इस वार्ड से बीजेपी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने युवाओं पर भरोसा जताते हुए Gen-Z उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। रजत सिंह के सामने कांग्रेस से विमला देवी चुनाव लड़ेंगी। विधायक की दावेदारी करने वाले की पत्नी को BJP का टिकट वार्ड नंबर 58 से बीजेपी ने उद्योगपति यश अग्रवाल की पत्नी निशा अग्रवाल को टिकट दिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा थी कि यश अग्रवाल विधायक पद के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया था। अब उनकी पत्नी को पार्षद का टिकट मिला है। निशा अग्रवाल के सामने कांग्रेस से अभिषेक तिवारी चुनाव लड़ेंगे। पूर्व चेयरमैन लड़ेंगी पार्षद का चुनाव बीजेपी ने वार्ड नंबर 59 से पार्टी कार्यकर्ता ब्रजेश अग्रवाल की पत्नी कुसुमलता अग्रवाल को टिकट दिया है। कुसुमलता अग्रवाल कुम्हेर नगर पालिका की चेयरमैन रह चुकी हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान ब्रजेश अग्रवाल ने भी विधायक पद के लिए टिकट की दावेदारी की थी। अब उनकी पत्नी कुसुमलता अग्रवाल पार्षद का चुनाव लड़ेंगी। उनके सामने कांग्रेस से रेनू मैदान में हैं।