भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं जिले के 19 शहरी निकायों में दो चरणों में होने वाले निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए 31 अगस्त आखिरी तिथि तय कर दी गई है। जिले में निर्वाचन विभाग ने एक भी शहरी निकाय की फाइनल वोटर लिस्ट जारी नहीं की है। नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशी प्रारूप सूची के आधार पर नाम व क्रम संख्या भर रहे हैं। दूसरी ओर निर्वाचन अधिकारी नामांकन के 48 घंटे पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने के नियम का हवाला दे रहे हैं। वे इसके तैयार होने व छपाई के लिए जाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत ये है कि अभी तक एक भी निकाय के किसी भी वार्ड की अंतिम या फाइनल मतदाता सूची जारी नहीं की गई है। नामांकन केंद्रों पर भी फाइनल वोटर लिस्ट की कोई प्रति उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रत्याशी मजबूरी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट यानी प्रारूप मतदाता सूची से खुद के साथ प्रस्तावकों व अनुमोदकों की भाग संख्या व क्रम संख्या देखकर नामांकन भर रहे हैं। अंतिम सूची नहीं होने से प्रत्याशी बेहद असमंजस में हैं। कई उम्मीदवारों को नामांकन रद्द होने की आशंका लग रही है। रामकरण सिंह, एसडीएम झुंझुनूं Q. नामांकन शुरू हो गए, अंतिम वोटर लिस्ट जारी नहीं हुई है? A. 21 अगस्त तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होती है। नामांकन के 48 घंटे पहले तक वोटर लिस्ट अपडेट होती है। इससे अंतिम मतदाता सूची जारी होने में देरी होती है। नाम हटाने के मामले में केवल फार्म 3, 5 व 6 आने पर जांच के बाद कार्रवाई हो रही है। Q. अंतिम सूची कब जारी होगी, प्रत्याशी संशय में हैं? A. फाइनल लिस्ट तैयार है, और प्रकाशन के लिए भेजा गया है। संबंधित प्रगणकों को वोटर लिस्ट का लिंक भेज रहे हैं। जल्द अंतिम सूची पोर्टल व हेल्प डेस्क के पांच काउंटर पर भी उपलब्ध होगी। Q. क्रम / भाग संख्या में बदलाव पर नामांकन रद्द हो जाएगा? A. स्पष्ट नियम हैं। प्रारूप मतदाता सूची की क्रम संख्या में बदलाव नहीं होता है। नए नाम प्रारूप-2 में शामिल किए जाते हैं। वोटर शिफ्ट होने पर पहला नाम डिलीट हो जाता है। नया नाम नए वार्ड में प्रारूप-2 से भर सकते हैं। फिर भी कोई संशय हो, हेल्प डेस्क की मदद लें। अंतिम मतदाता सूची में देरी को लेकर जिले की राजनीति गरमा रही है। कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या का प्रयास करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सत्ताधारी दल के चुनाव जीतने और अपने उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए लिस्ट में हेरफेर की आशंका बनी हुई है। कई वार्डों में निर्दलीय व अन्य प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए वोटर लिस्ट में नाम कटवाए या बदले जा रहे हैं। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अजमत अली ने बताया कि नामांकन से पहले अंतिम मतदाता सूची जारी होनी चाहिए। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का काम 21 अगस्त को बंद हो चुका है। अभी तक अंतिम वोटर लिस्ट जारी नहीं की गई है। बड़ा सवाल: नियम क्या कहते हैं और प्रत्याशियों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नियम: राज्य निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि नामांकन प्रक्रिया से ठीक पहले अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन व सार्वजनिक प्रदर्शन अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि मतदाता व प्रत्याशी के पास सही व अपडेट जानकारी हो। इस बार निर्वाचन विभाग 31 अगस्त से ठीक 48 घंटे पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने की बात कह रहा है। दूसरी ओर निकाय चुनाव नियम के अनुसार, यदि किसी प्रत्याशी या उसके प्रस्तावक व अनुमोदक द्वारा नामांकन पत्र में भरी गई भाग संख्या या क्रम संख्या फाइनल वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाती, तो जांच के दौरान नामांकन पत्र निरस्त हो सकता है। फाइनल लिस्ट में नाम कटने पर नामांकन रद्द हो सकता है। वार्ड बदलने पर भी नामांकन रद्द हो सकता है।